Winter Deaths India : सर्दियों में कार्बन मोनोऑक्साइड से सबसे ज्यादा मौतें, डॉक्टरों की बड़ी चेतावनी
Winter Deaths India
सर्दी बढ़ते ही हर घर में वही इंतज़ाम दोहराया जाता है – दरवाज़े बंद, खिड़कियां सील और हीटर पूरी रात जलता हुआ। बाहर ठंड से बचाव मिल जाता है, लेकिन अंदर हवा में कुछ ऐसा घुलने (Winter Deaths India) लगता है, जिसका न रंग है, न गंध… और न ही चेतावनी। जब तक अहसास होता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्दियों में होने वाली अचानक मौतों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। लंबे समय के मेडिकल आंकड़ों और अस्पतालों में दर्ज मामलों के विश्लेषण से सामने आया है कि कार्बन मोनोऑक्साइड से होने वाली मौतों का बड़ा हिस्सा सर्दियों में दर्ज किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह बंद कमरों में हीटर, ब्लोअर और अंगीठी का लगातार इस्तेमाल बताया जा रहा है।
कैसे बनती है जानलेवा स्थिति
ठंड से बचने के लिए लोग रातभर कमरे बंद रखते हैं। ऐसे में जलने वाले उपकरण कमरे की ऑक्सीजन धीरे-धीरे खत्म कर देते हैं और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जमा होने (Winter Deaths India) लगती है। यह गैस बिना किसी गंध या धुएं के शरीर में असर करती है। पहले हल्का सिरदर्द, चक्कर और थकान महसूस होती है, फिर बेहोशी और कई मामलों में जान तक चली जाती है। डॉक्टर इसे “साइलेंट किलर” कहते हैं।
हर साल दोहराई जाती है यही गलती
सर्दियों में सामने आने वाले कई मामलों में पूरा परिवार नींद में दम घुटने का शिकार हो जाता है। खासकर अंगीठी, ब्रेज़ियर और खराब वेंटिलेशन वाले हीटर सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हादसे मौसम की नहीं, लापरवाही की वजह से होते हैं।
बचाव ही सबसे बड़ा इलाज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ छोटी-छोटी सावधानियां जान बचा सकती हैं—
कमरे में हवा के लिए एक खिड़की या वेंटिलेशन खुला रखें
पूरी रात हीटर या अंगीठी न जलाएं
कमरे में नमी बनाए रखने के लिए पानी का बर्तन रखें
संभव हो तो कार्बन मोनोऑक्साइड डिटेक्टर जरूर लगाएं
ठंड में बढ़ता है बीमारियों का खतरा
सर्दियों में सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे दमा, ब्रोंकाइटिस, COPD और निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों में यह असर ज्यादा देखने (Winter Deaths India) को मिलता है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड के मौसम में सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।
हाइपोथर्मिया के सामान्य संकेत
तेज ठिठुरन और बदन दर्द
सांसों का तेज होना
सिर में भारीपन
सीने में जकड़न
आंखों से पानी आना
शरीर को अंदर से मजबूत रखें
सर्दियों में आयरन और पोषण की कमी भी परेशानी बढ़ा सकती है। पालक, चुकंदर, मटर, अनार, सेब और किशमिश जैसी चीजें शरीर को गर्म रखने और कमजोरी से बचाने में मदद करती हैं।
