संपादकीय

संपादकीय: बंगाल में बदलाव की बयार

Editorial: बंगाल के बाशिंदों ने जिस उम्मीद पर बंगाल को प्रचंड़ बहुमत दिलाया था उस उम्मीद को पूरा करने के लिए वहां के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जुट गये हैं। नई सरकार को बने अभी एक सप्ताह ही हुए हैं कि सरकार ने ताबड़तोड़ फैसले लेकर बंगाल में बदलाव की बयार बहानी शुरू कर दी है। बंगाल में सबसे बड़ी समस्या कानून और व्यवसथा की स्थिति में सुधार करना था। इसके लिए शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने कारगर कदम उठाने शुरू कर दिये हैं जिसका जमीन पर असर नजर भी आ रहा है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बंगाल में किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बवाल काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

सरकार की इस चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए आसनशोल में जब एक संप्रदाय विशेष के लोगों ने लाउडस्पीकर तेज आवाज में बजाना शुरू किया तो उन्हें पुलिस ने मना किया। इससे उत्तेजित टीएमसी के पाले हुए इन गुंडों ने आसनसोल की पुलिस की चौकी पर हमला किया तो पुलिस भी एक्शन में आई और दंगाईयों पर जमकर लाठी बरसाई गई। सीसीटीवी फुटेज के जरिए जिन 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा है कि इन दंगाईयों के कारण जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई इन्हीें लोगों से कराई जाएगी।

गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश में लागू किया गया यह योगी मॉडल अब बंगाल में भी लागू किया जा रहा है। यही नहीं बल्कि अवैध कब्जा किये जाने वालों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन भी शुरू हो गया है। अपराधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है और उन्हें जेल के हवाले किया जा रहा है इसी कड़ी में 21 जून को डॉयमंड हारबर क्षेत्र के फाल्दा विधानसभा में हो रहे पुनर्मतदान के लिए भी वहां अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया गया है। पुनर्मतदान के पूर्व भी वहां के टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर के खास गुर्गे सैतुल खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जो मतदाताओं को डराने धमकाने की कोशिश कर रहा था। खुद जहांगीर खान ने मतदाताओं को धमकी दी थी लेकिन वह पुलिस के खौफ से कहीं छुपा बैठा है।

फाल्दा में ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विशाल रैली निकालकर चुनाव प्रचार किया जिसमें लाखों संख्या में भीड़ जुटी इसे से स्पष्ट हो गया है कि वहां के टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान बुरी तरह से पराजय होने जा रही है। इस बीच डॉमंड हार्बर क्षेत्र में गुंडे बदमाशों को प्रश्रय देने वालों पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी कानून का सिकंजा कसता जा रहा है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है।

गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी दी थी इसे लेकर गंभीर धराओं के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया हैअभिषेक बनर्जी के घर से अतिक्ति सुरक्षा व्यवस्था भी हटा दी गई है। जहां अब कोलकाता के लोग जाकर रोज ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी चोर है के नारे लगाने लगे हैं। कमोवेश पुरे बंगाल में टीएमसी नेताओं और उनके गुंडे कार्यकताओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश फुटने लगा है।

यही वजह है कि टीएमसी के नेता अब बंगाल में चुनाव के बाद बवाल काटने की योजना बना रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ऐसी किसी भी योजना को विफल करने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैंं। इसके साथ ही उन्होंने अब पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान लोगों के उत्पीडऩ तथा हिंसा के मामलों की जांच के आदेश भी दे दिये हैं। शुभेन्दु अधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि ममता बनर्जी की सरकार के कार्यकाल के दौरान भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ जो अत्याचार और हिंसा हुई है उसे वे भूले नहीं है और ऐसे तमाम पुराने मामलों की जिनकी पहले एफआईआर लिखी नहीं जाती थी उसकी अब एफआईआर दर्ज होगी और इसके लिए जिम्मेदार गुंडो को उनके किये की कड़ी सजा दी जाएगी।

शुभेन्दु सरकार की इस कार्यवाही को बंगाल के लोग मुक्तकंठ से सराह रहे हैं। कुल मिलाकर अब बंगाल में सत्ता बदलते ही बंगाल को सोनार बंगाल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बंगाल को जिन लोगों ने लूटा खसोटा है उनके खिलाफ भी कार्यवाही शुरू होने जा रही है। भ्रष्टाचार के सारे मामलों की जांच कराने की तैयारी की जा रही है और इसके लपेटे में अभिषेक बनर्जी भी आने वाले हैं। जब भ्रष्टाचार की जांच होगी तो और भी कई चौकानें वाले खुलासे होंगे और जांच की आंच ममता बनर्जी तक भी पहुंचे तो आश्चर्य नहीं होगा।

Related Articles

Back to top button