वक्फ संशोधन विधेयक: मोदी सरकार यह विधेयक क्यों लाई ? किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कहा-

wakf amendment bill
-अगर मोदी सरकार वक्फ संशोधन विधेयक नहीं लाती तो यह संसद परिसर भी वक्फ का हिस्सा होता
-वक्फ बोर्ड ने वसंत कुंज और दिल्ली एयरपोर्ट समेत कुल 123 जगहों पर दावा किया
नई दिल्ली। wakf amendment bill: आज भारी हंगामे के बीच लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। यह बिल अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरण रिजिजू ने पेश किया। साथ ही, यह विधेयक लाना बहुत जरूरी था। इस विधेयक को प्रस्तुत करना क्यों आवश्यक था? रिजिजू ने कहा ”हमने 2014 में चुनाव लड़ा था। इससे पहले, 2013 में कुछ ऐसे कदम उठाए गए थे जो आश्चर्यजनक थे।
अगर यह संशोधन विधेयक नहीं लाया गया होता तो आज जिस संसद भवन पर चर्चा हो रही है, वह भी वक्फ की संपत्ति बन गया होता। वक्फ बोर्ड 1970 से संसद भवन सहित कई अन्य स्थलों पर अपना दावा करता रहा है। 2013 में इन स्थानों को गैर अधिसूचित कर दिया गया, जिसके बाद वक्फ बोर्ड ने अपना दावा पेश किया।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा धारा 108 में कहा गया है कि वक्फ अधिनियम (wakf amendment bill) किसी भी कानून से ऊपर होगा। अगर मोदी सरकार वक्फ संशोधन विधेयक नहीं लाती तो यह संसद परिसर भी वक्फ का हिस्सा होता। वक्फ बोर्ड ने वसंत कुंज और दिल्ली एयरपोर्ट समेत कुल 123 जगहों पर दावा किया था। इतना ही नहीं रिजिजू ने यह भी कहा है कि इस संशोधन विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो मुसलमानों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करता हो।
25 राज्यों के वक्फ बोर्डों ने भी दिए सुझाव
किरण रिजिजू ने आगे कहा इस बिल को लाने से पहले सभी पक्षों की राय मांगी गई है। देशभर से 97 लाख से ज्यादा सुझाव सुने गए। 25 राज्यों के वक्फ बोर्डों ने भी सुझाव दिए। उन पर विचार भी किया गया। वक्फ बोर्ड एक्ट स्वतंत्र भारत में पहली बार 1954 में लागू हुआ था। उसी समय राज्य वक्फ बोर्डों का प्रस्ताव भी बनाया गया था।
तब से इसमें कई बार संशोधन (wakf amendment bill) किया गया और 1995 में इसमें बड़ा बदलाव किया गया। उस समय किसी ने नहीं कहा कि यह बिल असंवैधानिक है। ऐसा क्यों हो रहा है? अगर हमने दिल से सोचा होता तो लोगों को गुमराह नहीं करते। इस बार मैंने अपनी ओर से कुछ नहीं कहा है, बल्कि तथ्यों के आधार पर कहा है। रिजिजू ने कहा तथ्य वही हैं जो हैं।