Viksit Bharat G-Ram-G Act : ग्रामीण विकास में ऐतिहासिक कदम, गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलेगा : विष्णु देव साय
Viksit Bharat G-Ram-G Act
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम (Viksit Bharat G-Ram-G Act) देश के गांवों के लिए ऐतिहासिक परिवर्तन का आधार बनेगा। यह अधिनियम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जो रोजगार, पारदर्शिता और टिकाऊ विकास को एक साथ सुनिश्चित करता है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम (Viksit Bharat G-Ram-G Act) किसानों, मजदूरों और ग्रामीण गरीबों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। यह अधिनियम प्रधानमंत्री की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने सत्ता संभालने के बाद संसद में कहा था कि उनकी सरकार गरीब, किसान और मजदूरों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम (Viksit Bharat G-Ram-G Act), मनरेगा का उन्नत, अधिक प्रभावी और पारदर्शी स्वरूप है। जहां मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं इस नए अधिनियम के तहत 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। इससे ग्रामीण मजदूरों की वार्षिक आय में स्वाभाविक वृद्धि होगी और पलायन पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरी भुगतान की व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम (Viksit Bharat G-Ram-G Act) के तहत मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं होता है, तो मजदूर को विलंबित भुगतान पर अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिससे वर्षों से चली आ रही भुगतान में देरी की समस्या समाप्त होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि खेती-किसानी को सुरक्षित रखने के लिए भी इस अधिनियम में विशेष प्रावधान किए गए हैं। बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक श्रमिक कार्यों को रोका जा सकेगा, ताकि किसानों को पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध हों और कृषि गतिविधियां बाधित न हों। यह व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादन दोनों को स्थिरता प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के दौरान फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के उपयोग और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम (Viksit Bharat G-Ram-G Act) इन सभी कमजोरियों को दूर करेगा। डिजिटल निगरानी, सामाजिक अंकेक्षण और पारदर्शी भुगतान प्रणाली के माध्यम से वास्तविक मजदूरों तक सीधा लाभ पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन। जल संरक्षण, नदी-नालों का पुनर्जीवन, कटाव रोकने के उपाय, सिंचाई संरचनाओं का निर्माण और ग्रामीण सड़कों व परिसंपत्तियों का विकास प्राथमिकता से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम (Viksit Bharat G-Ram-G Act) के माध्यम से कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास से जुड़े कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे, जिससे गांवों में टिकाऊ विकास और स्थायी समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर और प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही उपस्थित रहे।
