Vijay Hazare Trophy : विराट के बाद ऋषभ पंत का दम, दिल्ली कप्तान की जुझारू पारी

Vijay Hazare Trophy

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विजय हजारे ट्रॉफी 2025 (Vijay Hazare Trophy) के शुरुआती मुकाबलों में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिल रहा है। टूर्नामेंट के पहले दो मैचों में सबसे ज्यादा सुर्खियां विराट कोहली और रोहित शर्मा ने बटोरीं। विराट कोहली ने लगातार दोनों मुकाबलों में अपने क्लास और अनुभव का परिचय देते हुए बड़ी पारियां खेलीं, जबकि रोहित शर्मा पहले मैच में चमकने के बाद दूसरे मुकाबले में खास प्रभाव नहीं छोड़ सके।

हालांकि इन दो सितारों के बीच एक और नाम है, जिस पर चयनकर्ताओं की पैनी नजर टिकी हुई है और वह हैं दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत। टीम इंडिया (Vijay Hazare Trophy) में अपनी जगह को लेकर संघर्ष कर रहे पंत के लिए यह टूर्नामेंट बेहद अहम माना जा रहा है और गुजरात के खिलाफ दूसरे मुकाबले में उन्होंने अपनी अहमियत का संकेत दे दिया ।

खराब शुरुआत के बाद दिखा पंत का जज्बा

ऋषभ पंत के लिए इस घरेलू टूर्नामेंट (Vijay Hazare Trophy) की शुरुआत निराशाजनक रही थी। पहले मुकाबले में वह महज 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे, जिससे उनके प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे थे। ऐसे में गुजरात के खिलाफ दूसरा मैच उनके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था। दिल्ली की पारी उस समय दबाव में आ गई, जब शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए और विराट कोहली को छोड़कर अन्य बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सके।

ऐसे नाजुक हालात में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान ऋषभ पंत ने जिम्मेदारी को बखूबी समझा और एक छोर संभालते हुए टीम को संकट से उबारा। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया और पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया ।

लड़खड़ाती पारी को संभालकर दिलाई मजबूती

पंत ने आते ही बड़े शॉट खेलने की बजाय क्रीज पर टिकने को प्राथमिकता दी। उन्होंने छठे विकेट के लिए अहम 70 रन की साझेदारी की, जिससे दिल्ली की पारी को स्थिरता मिली। इस दौरान पंत ने अपना अर्धशतक भी पूरा किया और यह साबित किया कि दबाव में खेलना उन्हें बखूबी आता है।

हालांकि विराट कोहली की तरह ऋषभ पंत भी शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन 79 गेंदों में खेली गई उनकी 70 रन की पारी बेहद अहम रही। इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 2 छक्के लगाए। पंत के अलावा हर्ष त्यागी ने भी 40 रन की उपयोगी पारी खेली, जिसकी बदौलत दिल्ली की टीम किसी तरह 254 रन तक पहुंचने में सफल रही (Vijay Hazare Trophy)।

टीम इंडिया में भविष्य की जंग

ऋषभ पंत के लिए विजय हजारे ट्रॉफी सिर्फ एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं, बल्कि अपने करियर को दोबारा पटरी पर लाने का मौका है। वह पहले ही भारतीय टी20 टीम से बाहर हो चुके हैं, जबकि वनडे टीम की प्लेइंग-11 में भी उन्हें लगातार मौका नहीं मिल रहा है। अब हालात ऐसे हैं कि स्क्वॉड में भी उनकी जगह सुरक्षित नहीं मानी जा रही।

दिल्ली की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे पंत जानते हैं कि यहां किया गया हर रन, हर पारी उनके भविष्य को तय कर सकती है। गुजरात के खिलाफ खेली गई यह जुझारू पारी चयनकर्ताओं के लिए एक मजबूत संदेश मानी जा रही है (Vijay Hazare Trophy)।

अब सबकी नजरें न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए टीम चयन पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि क्या ऋषभ पंत की यह पारी उन्हें दोबारा टीम इंडिया के करीब ले जा पाएगी या फिर ईशान किशन की फॉर्म उनकी राह और मुश्किल बना देगी।

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