छत्तीसगढ़

Vedic wedding In Shantikunj Haridwar : दहेज और आडंबर से दूर…शांतिकुंज में वैदिक रीति से बंधे सीजेएम गिरीश मण्डावी…समाज को दिया आदर्श विवाह का संदेश…

हरिद्वार, 28 मई। Vedic wedding In Shantikunj Haridwar : भारत की सनातन परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को सशक्त करती एक प्रेरणास्पद मिसाल पेश की रायपुर (छत्तीसगढ़) के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) गिरीश कुमार मण्डावी (Vedic wedding In Shantikunj Haridwar)ने। उन्होंने हरिद्वार स्थित शांतिकुंज गायत्री तीर्थ में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार, बिना दहेज और आडंबर के, कांकेर निवासी खुशबू नेताम से आदर्श विवाह संपन्न किया।

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इस विवाह में आधुनिकता और पवित्र परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ संस्कार, सादगी और सामाजिक चेतना प्रमुख केन्द्र में रहे।

गिरीश मण्डावी के पिता आर.एस. मण्डावी ने जानकारी दी कि बाल्यकाल से ही गिरीश ने यह निश्चय किया था कि वे विवाह को केवल एक व्यक्तिगत आयोजन नहीं, बल्कि समाज सुधार का उदाहरण (Vedic wedding In Shantikunj Haridwar)बनाएंगे। इसीलिए उन्होंने शांतिकुंज के मार्गदर्शन में आदर्श विवाह पद्धति को चुना।

वधु खुशबू नेताम और उनके परिवार ने भी इस वैचारिक पहल का पूर्ण समर्थन किया, जिससे यह आयोजन एक सामाजिक प्रेरणा बन सका।

वैदिक मंत्रों और आशीर्वादों के साथ शुरू हुआ नव जीवन

विवाह कार्यक्रम शांतिकुंज अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी, व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि जी, तथा श्यामबिहारी दुबे जी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। वैदिक आचार्य द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच सात (Vedic wedding In Shantikunj Haridwar)फेरे, संकल्प, और सप्तपदी जैसी विधियाँ विधिपूर्वक कराई गईं।

इस आयोजन ने यह सिद्ध किया कि विवाह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम हो सकता है।

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एक नई शुरुआत, एक नई दिशा

“जब संकल्प पवित्र हों और विचार संस्कारी, तो विवाह एक समाज-सुधार आंदोलन बन जाता है।”

यह विवाह सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि समाज में फैले दहेज प्रथा, दिखावे और खर्चीली परंपराओं के विरुद्ध एक सशक्त संदेश है।

शांतिकुंज में इस दिन नामकरण, यज्ञोपवीत, मुण्डन और श्राद्ध जैसे अनेक वैदिक संस्कार भी निःशुल्क सम्पन्न कराए (Vedic wedding In Shantikunj Haridwar)गए, जिससे समाज को एक समग्र धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव मिला।

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