छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक बहुत ही बुरी खबर आ रही है। डभरा इलाके के सिंघीतराई में मौजूद वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant Blast) में जो बॉयलर फटा था, उसने अब तक 14 मजदूरों की जान ले ली है। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे जब प्लांट में काम चल रहा था, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और पूरा इलाका दहल गया।
देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई और कई मजदूर आग और मलबे की चपेट में आ गए। अस्पताल में इलाज के दौरान मौतों का आंकड़ा बढ़कर 14 हो गया है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
लाखों का मुआवजा और नौकरी का वादा(Vedanta Power Plant Blast)
हादसे के बाद बढ़ते गुस्से को देखते हुए वेदांता प्लांट मैनेजमेंट ने मुआवजे की बड़ी घोषणा की है। मैनेजमेंट ने तय किया है कि हर मृतक के परिवार को 35 लाख रुपये और घायलों को 15 लाख रुपये दिए जाएंगे।
इसके अलावा, मृतकों के घर के एक सदस्य को प्लांट में नौकरी देने पर भी बात बन गई है। फिलहाल 26 से ज्यादा मजदूरों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से 4 की हालत बहुत नाजुक है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है।
मुख्यमंत्री साय ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
इस बड़े हादसे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी गहरा दुख जताया है। सीएम ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए सरकारी मदद का ऐलान (Vedanta Power Plant Blast) किया है।
मुख्यमंत्री की तरफ से हर मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सीएम ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों का इलाज सरकारी खर्चे पर अच्छे से अच्छा होना चाहिए।
प्लांट के बाहर जमकर हुआ बवाल
धमाके की खबर मिलते ही मजदूरों के घरवाले प्लांट के गेट पर इकट्ठा हो गए और जमकर हंगामा किया। गुस्सा इस कदर था कि लोगों ने एंबुलेंस तक रोक ली और अपनों को देखने की जिद पर अड़ गए।
भीड़ को बेकाबू होते देख प्लांट का मेन गेट बंद करना पड़ा और मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतना बड़ा हादसा हुआ कैसे और सुरक्षा में चूक कहां हुई?
कैसे फटा मौत का बॉयलर?
बताया जा रहा है कि दोपहर के समय जब मजदूर रोज की तरह अपने काम में जुटे थे, तभी अचानक बॉयलर में कोई तकनीकी खराबी आई और वो फट (Vedanta Power Plant Blast) गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि कई मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
पुलिस और प्रशासन की टीमें अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि क्या बॉयलर की समय पर मेंटेनेंस (Vedanta Power Plant Blast) हुई थी या फिर लापरवाही ने 14 घरों के चिराग बुझा दिए।
