राजनीतिक उठापटक से बेपरवाह साय, उत्सवधर्मिता का नया अध्याय

यशवंत धोटे


महतारी वंदन से हमें इतना सुकून तो हैं कि घर खर्च के लिए महिलाएं हमसे पैसे नहीं मांगती। धान खरीदी का पूरा दाम 3100 रुपए तो मिल ही रहा है। ढाई साल से चल रही साय सरकार से हमें कोई शिकवा शिकायत नहीं हैं। सारंगढ़, बिलाईगढ़़ जिले के भीखमपुरा गाव की सपेरों की निर्माणाधीन बस्ती यानि प्रधानमंत्री आवास का मुआयना कर चौपाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्तमंत्री ओपी चौधरी अपने प्रशासनिक लाव, लश्कर के साथ जब लोगों से रूबरू हो रहे थे, तब मैं चौपाल से बाहर 10-12 किसानों और महिलाओं के साथ बात कर रहा था। खाद-बीज को लेकर चिंता तो थी, लेकिन आश्वस्त है कि समय पर मिल जाएगा।


इसमें सपेरों की बस्ती की वे महिलाएं भी शामिल थी जिन्हें नया आशियाना मिलना है। इसी में से एक नवविवाहिता रश्मि महिलाओं की दुखती रग पर हाथ रखती है और पूछती है कि भैय्या शराबबंदी हो सकती है क्या? दरअसल मुख्यमंत्री विष्णुदेेव साय अपनी पूरी सरकार के साथ पिछले डेढ़ महीने से राज्य के ग्रामीण इलाकों में सुशासन तिहार मना रहे हैं। उनकी उत्सवधर्मिता का आलम यह है कि अपने खिलाफ या समर्थन में अन्दर और बाहर चल रही सारी राजनीतिक उठापटक से बेपरवाह, वे अब तक 27 जिलों में दस्तक दे चुके हैं। 44-45 डिग्री तापमान में अपनी प्रशासनिक टीम के साथ पसीना बहा रहे साय को मालूम है कि सौ फीसदी लोगों को सन्तुष्ट नहीं किया जा सकता, लेकिन उनकी सुनी तो जा सकती है… सो सुन रहे है और अपनी सरकार के कामकाज की आलोचना को तो मानों निमंत्रण दे रहे हो। अपने ढाई साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जब वे रखते हैं तो लोगों से भूल, चुक, लेन-देन की हामी भी भरवा लेते हैं।


इस तिहार की पारदर्शिता या कहे लोकप्रियता को परखने, समझनेे उनके साथ पिछले डेढ़ महीने से पत्रकार भी जा रहे है। इसी कड़ी में कल 4 जून 2026 को रायगढ, सारंगढ़, बिलाईगढ़ और बिलासपुर जिलों के सुशासन तिहार के शिविरों में सीएम के साथ मेरा जाना भी हुआ। वैसे इन ग्रामीणों के लिए साल में एक बार होने वाला यह तिहार सच में किसी उत्सव से कम नहीं रहता, क्योंकि इसमें अधिकांश लोगों की लंबित समस्याओं का समाधान होता है। रायपुर से स्टेट हेंगर से जब हम चले तो मुख्यमंत्री श्री साय के साथ, वित्तमंत्री ओपी चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानंद, विशेष सचिव व आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल और साथ में वरिष्ठ पत्रकार संजय दीक्षीत भी थे। पहला पड़ाव रायगढ़ था, जहां कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री की भेंट मुलाकात होती हैं। दरअसल लंबे समय तक रायगढ़ के सांसद और केंद्र में मंत्री रहे श्री साय की सदाशयता का आलम ये है कि उनके पुराने साथी उन्हें अब भी सरपंच कहते हैं। सभी पुराने राजनीतिक सिपहसालारों के लिए अब भी सहज उपलब्ध साय अब मुख्यमंत्री के तौर पर उनके बीच जा रहे हैं तो स्वाभाविक तौर पर अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं।


यदि मुख्यमंत्री लंबे समय तक सांसद रहे तो हमारे साथ चल रहे युवा वित्तमंत्री ओपी चौधरी रायगढ़ के मौजूदा विधायक भी हैं। नौकरशाही से राजनीति में और फिर मंत्रिमंडल में शामिल ओपी की प्रशासनिक पकड़ की काफी चर्चा रहती है, लेकिन सीएम साय के साथ वे उतने ही कम्फर्टेबल रहते हैं जितने अपने आप के साथ…। सारंगढ़ के भीखमपुरा की चौपाल में जिस तरह सीएम साय ने सभी अपने पुराने संगी साथियों और ग्रामीणों के साथ वार्तालाप कर उनकी दैनंदिनी जरूरतों पर बात की। ठीक उसी तरह ओपी ने भी अपने ही अंदाज में सुशासन तिहार का महात्म्य समझाया। भीखमपुरा के सपेरों ने सीएम को बताया कि वे पिछले 35 साल से कच्चे घरों में रह रहे हैं, लेकिन अब उनके लिए प्रधानमंत्री आवास वाले पक्के मकान मिलने जा रहे हैं। 68 परिवारों के लिए बन रहे इन पक्के मकानों के निर्माण को सीएम ने देखा। हालांकि इनके सामाजिक, सांस्कृतिक विकास के मद्देनजर इनके लिए एक सामुदायिक भवन की आधारशिला रखी गई। सीएम ने इस तिहार को जनता और शासन के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही का मजबूत माध्यम बताया।


सीएम अपने प्रत्येक सम्बोधन के दरमियान बस्तर के नक्सलवाद के खात्मे का जिक्र जरूर करते हैं। रायगढ़ से बिलासपुर प्रवास के दरमियान मुख्यमंत्री अपने अगले पड़ाव की तैयारी करते हैं। साथ चल रहे अफसर उन्हें ब्रीफ करते हैं। बिलासपुर के चकरभाटा हवाई पट्टी पर उनके स्वागत के लिए सभी विधायकों समेत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, विधायकगण अमर अग्रवाल, सुशान्त शुक्ला, धरमजीत सिंह, जांजगीर की सांसद कमलेश जांगड़े समेत जिला प्रशासन के सभी आला अफसर मौजूद थे। बिलासपुर के तिहार की खासियत यह रही कि यहां के मंच से प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के खातों में 642 करोड़ 27 लाख रुपए की महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त की राशि हस्तान्तरित की गई। इसी तरह एसईसीएल के सीएसआर से बनने वाले ओल्ड एज होम की आधारशिला रखी गई। एजुकेशन सिटी और अन्य विभागों के सैकड़ों करोड़ रुपए के विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई।

sushasan tihar 2026

‘हम दोनों को जब जूदेव याद आए’

किसी समय हिन्दुत्व के ब्रांड एम्बेसडर रहे स्व. दिलीप सिंह जूदेव धर्मान्तरित आदिवासियों के घर वापसी अभियान के ध्वजवाहक थे। मुख्यमंत्री के रायगढ़ लोकसभा से लम्बे समय तक सांसद रहने का सन्दर्भ आया तो मैंने सीएम को बताया कि 2002 में रायगढ़ के कापू में आदिवासी परिवारों के घर वापसी अभियान का बड़ा कार्यक्रम स्व. दिलीप सिंह जूदेव ने करवाया था और जूदेव चाहते थे कि यह राष्ट्रीय खबर बने। मैं उस समय राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका आउटलुक में था… सो मैं स्व. जूदेव के निमत्रंण पर गया, मैंने उनका इन्टरव्यू किया और कार्यक्रम कवर किया। जो छपने के बाद काफी चर्चित रहा। उस समय बतौर सांसद, विष्णुदेव साय का मुझसे परिचय स्व. जूदेव ने ही करवाया था। कल की बातचीत के दरमियान यह संदर्भ निकला तो सीएम चौके भी। गौरतलब है कि पिछले सुशासन तिहार में मैं सीएम के साथ बस्तर प्रवास में गया था, तब हिन्दुत्व को लेकर उनके बयान की काफी चर्चा थी और मुझसे बातचीत के बाद बहुत सी बातें उन्होंने क्लीयर की थी सो पिछली बार वाली मेरी खबर की हेडलाईन ही थी, ‘हिन्दुत्व के नए ब्रांड एम्बेसडर विष्णुदेव साय’।

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