छत्तीसगढ़

Vedanta Power Plant Accident  : वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच तेज, कमिश्नर दफ्तर में 29 अप्रैल को दर्ज होंगे बयान और साक्ष्य

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए भीषण वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच (Vedanta Power Plant Accident) गई है। राज्य सरकार द्वारा नियुक्त जांच अधिकारी और बिलासपुर संभागायुक्त ने इस मामले में सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है।

डभरा तहसील के ग्राम सिंघीतराई स्थित इस प्लांट में हुई भयावह औद्योगिक दुर्घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए अब आम जनता और प्रत्यक्षदर्शियों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया गया है। जिस किसी के पास भी इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी दस्तावेज या साक्ष्य हैं वह आगामी 29 अप्रैल को बिलासपुर कमिश्नर कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है।

साक्ष्य देने के लिए सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक का समय (Vedanta Power Plant Accident)

संभागायुक्त कार्यालय बिलासपुर द्वारा जारी सूचना के अनुसार इच्छुक व्यक्ति या संस्था 29 अप्रैल 2026 को बिलासपुर स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच हाजिर हो सकते हैं।

जांच अधिकारी ने अपील की है कि घटना से जुड़े तथ्य और साक्ष्य प्रस्तुत कर जांच प्रक्रिया में सहयोग करें। गौरतलब है कि 14 अप्रैल को प्लांट की बॉयलर यूनिट में तकनीकी खराबी के कारण हुए विस्फोट ने भारी तबाही मचाई थी और इस सुनवाई का उद्देश्य घटना की तह तक पहुंचना है।

मौत का आंकड़ा बढ़कर पहुंचा 24 अब भी कई मजदूरों की हालत नाजुक

वेदांता पावर प्लांट हादसे ने अब तक 24 परिवारों के चिराग बुझा दिए (Vedanta Power Plant Accident) हैं। हाल ही में रायपुर और रायगढ़ के अस्पतालों में भर्ती चार और मजदूरों ने दम तोड़ दिया है जिससे मृतकों की संख्या 24 तक पहुंच गई है। मृतकों में छत्तीसगढ़ के साथ साथ झारखंड और अन्य राज्यों के मजदूर भी शामिल हैं।

वर्तमान में 9 घायलों का इलाज रायगढ़ के अलग अलग अस्पतालों में चल रहा है जिनमें से कुछ की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन घायलों के उपचार और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद दिलाने की कोशिश कर रहा है।

अनिल अग्रवाल सहित प्रबंधन पर गिरी गाज एफआईआर में लापरवाही उजागर

हादसे की प्राथमिक जांच और एफएसएल रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि बॉयलर फर्नेस के अंदर ईंधन जमा होने से दबाव बढ़ा और विस्फोट (Vedanta Power Plant Accident) हो गया। जांच में वेदांता कंपनी और एनजीएसएल द्वारा मशीनरी के रखरखाव में गंभीर लापरवाही बरतने की बात भी पुष्ट हुई है।

सक्ती एसपी के निर्देश पर डभरा थाने में वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल कंपनी प्रबंधक देवेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन सभी पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने और लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

Related Articles

Back to top button