Vande Bharat Express 2030 : 2030 तक 800 वंदे भारत एक्सप्रेस पटरियों पर, यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे का मेगा प्लान तैयार
Vande Bharat Express 2030
देश में हाई-स्पीड और मॉडर्न रेल यात्रा को नई रफ्तार देने के लिए Indian Railways ने बड़ा लक्ष्य तय किया (Vande Bharat Express 2030) है। रेलवे मंत्रालय का प्लान है कि 2030 तक 800 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें यात्रियों की सेवा में उतारी जाएं। फिलहाल चेयर कार वंदे भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को यात्रियों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। स्लीपर वर्ज़न के शुरू होने के कुछ ही दिनों में कई रूट्स पर 100% ऑक्युपेंसी देखने को मिल रही है।
रेलवे ने बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ चेयर कार वंदे भारत ट्रेनों में कोच की संख्या बढ़ाने का फैसला भी किया है। जहां कई रूट्स पर 20-कोच वाली वंदे भारत तैयार की जा रही हैं, वहीं भविष्य में 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की योजना पर भी काम चल रहा है।
सेफ्टी और स्किल पर खास ज़ोर
वंदे भारत ट्रेनों के सुरक्षित और कुशल संचालन के लिए Indian Institute of Technology Patna में हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिकल सिस्टम और सेफ्टी से जुड़ी स्पेशल ट्रेनिंग (Vande Bharat Express 2030) शुरू हो चुकी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह पहल 2030 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुसार स्किल्ड और सेफ्टी-फोकस्ड वर्कफोर्स तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में Indian Railway Institute of Mechanical and Electrical Engineering और IIT Patna के बीच कोलैबोरेशन किया गया है, ताकि आधुनिक ट्रेनों की टेक्नोलॉजी को ज़मीनी स्तर पर बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ट्रेनों पर फोकस
यह कार्यक्रम वंदे भारत और Namo Bharat (रैपिड रेल) जैसी स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ट्रेनों पर केंद्रित है। ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को
एडवांस्ड और ऑक्सिलरी सिस्टम,
कंप्यूटराइज़्ड ब्रेकिंग सिस्टम,
ऑटोमेटेड कंट्रोल्स,
हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिकल सेफ्टी,
रिस्क मैनेजमेंट,
और ऑपरेशन व मेंटेनेंस में इंटरनेशनल बेस्ट प्रैक्टिस की गहन जानकारी दी जा रही है।
मकसद है – मॉडर्न ट्रेनों का सुरक्षित, भरोसेमंद और कुशल संचालन सुनिश्चित करना।
देशभर से 25 अधिकारी ट्रेनिंग में शामिल
इस विशेष ट्रेनिंग में मध्य रेलवे (मुंबई), पूर्व रेलवे (कोलकाता), उत्तर रेलवे (नई दिल्ली), दक्षिणी रेलवे (चेन्नई), पश्चिमी रेलवे (मुंबई), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (बिलासपुर) समेत देश के अलग-अलग ज़ोन से चुने गए 25 अधिकारी भाग (Vande Bharat Express 2030) ले रहे हैं। इससे यह साफ है कि वंदे भारत मिशन को पैन-इंडिया अप्रोच के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
2030 तक 800 वंदे भारत ट्रेनों का लक्ष्य न केवल रेल यात्रा को तेज़ और आरामदायक बनाएगा, बल्कि भारत को ग्लोबल लेवल की रेल टेक्नोलॉजी के करीब भी ले जाएगा।
