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चीफ जस्टिस रमना ने कहा-सीबीआई की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान…

-चीफ जस्टिस रमना ने कहा-जांच एजेंसियों को नियंत्रण में लाने के लिए नई संस्था बनाना जरूरी

नई दिल्ली। chief justice nv ramana: पिछले कुछ वर्षों में देश में सीबीआई को भेजे जाने वाले मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। हालांकि सीबीआई के हालिया प्रदर्शन से विपक्ष केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसता नजर आया है। इसमें अब देश के मुख्य न्यायाधीश एन. वी रमना ने कहा है कि सीबीआई की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया गया है।

विपक्षी समूहों ने विरोध प्रदर्शन को रोकने का आह्वान किया। इसका केंद्र की भाजपा सरकार विरोध कर रही है। ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग द्वारा सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं के घरों पर छापेमारी के बाद आरोपों को तेज किया गया है। इसके बाद अब चीफ जस्टिस रमना ने सीबीआई की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है। वह नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।

न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग

सीबीआई पर लोगों का काफी भरोसा था। वास्तव में स्वतंत्र तंत्र और पारदर्शी प्रबंधन के कारण सीबीआई द्वारा मामलों के वर्गीकरण के लिए न्यायपालिका में बड़ी संख्या में अनुरोध आ रहे थे। उन्होंने कहा जब भी नागरिक स्थानीय पुलिस की पारदर्शी जांच में विश्वास नहीं करते हैं, उन्होंने न्याय पाने के लिए सीबीआई जांच की मांग की है।

सीबीआई की विश्वसनीयता पर उठे सवाल

रमण ने कहा जैसे-जैसे समय बीतता गया सीबीआई के काम का किसी भी अन्य प्रतिष्ठित निकाय की तरह, लोगों द्वारा कड़ाई से मूल्यांकन किया जाने लगा। कुछ मामलों में सीबीआई की कार्रवाई या निष्क्रियता ने सीबीआई की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाया है। इसलिए सीबीआई, एसएफआईओ, ईडी जैसी जांच एजेंसियों को एक नियंत्रण में लाने के लिए एक नई संस्था बनाना जरूरी है।

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