संपादकीय: बंगाल में एनकांटर को लेकर बवाल


Editorial: बंगाल में एक माशूम बच्ची के साथ की गई दररिंदगी के साथ पुलिस ने सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया इसके बाद एक प्रमुख आरोपी को वह घटना स्थल पर जांच के लिए लेकर गई तो आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर वहां से भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियां पर फायर भी किया।

नतीजतन पुलिस ने एनकाउंटर में उन्हें ढेर कर दिया। इस घटना को लेकर अब बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बवाल खड़ा कर दिया है। टीएमसी समर्थक नेता आरोप लगा रहे हैं कि बंगाल अब उत्तरप्रदेश की राह पर चल पड़ा है और यहां भी इस तरह के एनकाउंटर करके जंगलराज स्थापित किया जा रहा है।

इस बारे में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने विवादास्पद बयान भी दिया है जबकि दूसरी ओर बंगाल की जनता इस एनकाउंटर से खुश है और ऑन द स्पॉट फैसला हो जाने से प्रश्न होकर वह बंगाल पुलिस तथा मुख्यमंत्री शुभेंदू अधिकारी को बधाई दे रही है किन्तु टीएमसी को इससे पीड़ा हो रही है। यह वही टीएमसी है जिसके 15 साल के कार्यकाल में बहन बेटियों की खुलेआम असमत लूटी जाती थी और पीडि़ता की पुलिस शिकायत भी दर्ज नहीं करती थी।

ऐसी घटनओं को टीएमसी के गुंडे ही अंजाम दिया करते थे नतीजतन पुलिस मुकदर्शक बनकर तमाशा बनकर रह जाती थी । अब सत्ता बदलने के बाद वही पुलिस अपने कत्वर्य का निर्वहन कर रही है तो ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के लोगों को तकलीफ हो रही है। पुलिस को अपना यह अभियान इसी तरह जारी रखना चाहिए।

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