संपादकीय: यूक्रेन को मिला यूरोपीय देशों का साथ

Ukraine got support from European countries
Ukraine got support from European countries: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जैसा व्यवहार किया था उसे लेकर यूरोपीय देश यूक्रेन के साथ खड़े हो गये हैं। यूरोपीय संसद के अध्यक्ष रॉबर्ट ने बयान जारी किया है कि यूक्रेन के लोगो की बहादुरी का हम सम्मान करते हैं आप अकेले नहीं है। हम न्यायपूर्ण और स्थाई शांति के लिए यूक्रेन के साथ काम करना जारी रखेंगे।
अमेरिका के वाइट हाउस से लौटने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भारी तनाव में थे लेकिन अब यूरोपीय देशों का साथ मिलने से उनके मन में उम्मीद की नई किरण जागी है। हालांकि अमेरिका ने अब यूक्रेन को किसी भी तरह की आर्थिक मदद करने से दा टूक शब्दों में इंकार कर दिया है। ऐेसे में अब यूक्रेन को यूरोपीय देशों से ही मदद की उम्मीद है लेकिन यूरोपीय देश आज इस स्थिति में नहीं है कि वे यूक्रेन की ज्यादा आर्थिक मदद कर पायें। ऐसे में यूक्रेन को रूस के खिलाफ अपनी लड़ाई आगे और लंबी चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि यूक्रेन पहले ही अमेरिका से भारी भरकम मदद ले चुका है जिसे चुका पाना उस वस की बात नहीं है। इसीलिए अमेरिका यह चाह रहा था कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच खनिज समझौता हो जाये ताकि अमेरिका यूक्रेन की खनिजों का दोहन करके अपने कर्ज की वसूली कर पाये। किन्तु डोनाल्ड ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई तीखी बहस के बाद यह खनिज समझौता अधर में लटक गया है।
अब जेलेंस्की के सामने रूस के साथ अपनी जंग को जारी रख पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा। वैसे भी पिछले तीन सालों से यह जंग जारी है और इसमें यूक्रेन का ही ज्यादा नुकसान हुआ है। रूस को भी क्षति पहुंची है लेकिन रूस यूक्रेन के मुकबाले आर्थिक रूप से बहुत बेहतर स्थिति में है। इसलिए वह अभी और यह जंग जारी रख सकता है। बहरहाल अमेरिका ने इस जंग को रोकने की कोशिश की लेकिन जेलेंसकी की हटधर्मिता के कारण बात नहीं बन पाई।
इस बीच ब्रिटेन ने अमेरिका के प्रयासों की प्रशंसा की है और कहा है कि यूक्रेन में स्थाई शांति के लिए अमेरिका का नेतृत्व आवश्यक है। और इस मामले में ब्रिटेन डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिबद्धता का स्वागत करता है। कुल मिलाकर रूस और यूक्रेन के बीच चल रही लड़ाई को लेकर दुनिया दो खेमों में बटती जा रही है। ऐसे में यदि युद्धविराम नहीं होता और यह जंग आगे भी जारी रहती है तो डोनाल्ड ट्रंप की यह आशंका सही साबित हो जाएगी कि रूस यूक्रेन युद्ध की वजह से विश्व युद्ध का खतरा उत्पन्न हो जाएगा।