Trump Administration US Visa : H-1B वीजा पर ट्रंप सरकार की बड़ी चोट, 3 साल के बैन की तैयारी, भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए अमेरिका का रास्ता होगा बंद

सात समंदर पार अमेरिका में करियर बनाने की हसरत रखने वाले लाखों भारतीयों के लिए एक दिल दहड़ने वाली खबर (Trump Administration US Visa) आ रही है। ट्रंप प्रशासन के नेतृत्व में रिपब्लिकन सांसदों ने अमेरिकी संसद में एक ऐसा विधेयक पेश किया है, जो आने वाले 3 सालों के लिए H-1B वीजा के दरवाजे पूरी तरह बंद कर सकता है।
‘एंड H-1B वीजा एब्यूज एक्ट 2026’ नाम का यह बिल न केवल नए वीजा जारी करने पर रोक लगाने की वकालत करता है, बल्कि मौजूदा नियमों को इतना सख्त बनाने का प्रस्ताव रखता है कि आम भारतीय मध्यम वर्ग के लिए अमेरिका पहुंचना किसी नामुमकिन ख्वाब जैसा हो जाएगा। इस कदम का सबसे सीधा और घातक असर भारत के आईटी सेक्टर, सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और वहां अपनी सेवाएं दे रहे डॉक्टरों पर पड़ने वाला है।
रिपब्लिकन सांसदों का कड़ा रुख (Trump Administration US Visa)
इस विधेयक के पीछे रिपब्लिकन सांसदों की दलील बेहद सख्त है। एरिजोना के कांग्रेसमैन एली क्रेन और उनके सहयोगियों का दावा है कि वर्तमान वीजा सिस्टम का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां छीनने के लिए किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बड़ी कंपनियां मुनाफा बढ़ाने के चक्कर में सस्ते विदेशी श्रम को प्राथमिकता देती हैं, जिससे स्थानीय अमेरिकी कामगार पिछड़ जाते हैं।
इस विधेयक के जरिए रिपब्लिकन सांसद यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अमेरिकी कंपनियों में पहली प्राथमिकता केवल और केवल अमेरिकी नागरिकों को ही दी जाए। सांसद पॉल गोसार ने तो यहां तक कह दिया कि यह कानून उन प्रणालियों पर लगाम लगाएगा जो अपने ही लोगों के खिलाफ साजिश रचती हैं।
कोटा में कटौती और सैलरी का ‘पहाड़’ जैसा नियम
प्रस्तावित कानून में जो बदलाव सुझाए गए हैं, वे किसी भी विदेशी कामगार की कमर तोड़ सकते हैं। बिल में सालाना वीजा कोटा 65,000 से घटाकर सिर्फ 25,000 करने की बात (Trump Administration US Visa) कही गई है। इतना ही नहीं, अब उन्हीं लोगों को अमेरिका बुलाया जा सकेगा जिनका सालाना वेतन कम से कम 2 लाख डॉलर (करीब 1.65 करोड़ रुपये) होगा।
इससे साफ है कि अब सिर्फ बेहद ऊंचे पदों पर बैठे लोग ही अमेरिका जा पाएंगे। साथ ही, अब लॉटरी के जरिए किस्मत चमकने वाला जमाना भी खत्म हो जाएगा, क्योंकि चयन का आधार पूरी तरह ‘उच्चतम वेतन’ को बनाया जा रहा है। यानी कम पैसे में काम करने वाले विदेशी श्रमिकों के लिए रास्ते पूरी तरह ब्लॉक करने की तैयारी है।
पारिवारिक पाबंदी और ग्रीन कार्ड पर ‘ब्रेक’
इस विधेयक की एक और चौंकाने वाली शर्त यह है कि अब H-1B वीजा धारक अपने जीवनसाथी या बच्चों (आश्रितों) को अमेरिका नहीं ले जा सकेंगे। यह प्रावधान उन हजारों भारतीय परिवारों के लिए बड़ा झटका है जो साथ रहने का सपना देखते हैं।
साथ ही, OPT (Optional Practical Training) को भी खत्म करने का प्रस्ताव है, जिससे अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र डिग्री के बाद वहां नौकरी नहीं (Trump Administration US Visa) ढूंढ पाएंगे। सबसे बड़ी चोट ग्रीन कार्ड के रास्ते पर की गई है, प्रस्तावित बिल के अनुसार H-1B वीजा को अब स्थायी निवास में नहीं बदला जा सकेगा। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि गैर-आप्रवासी वीजा केवल अस्थायी ही रहे, ताकि कोई भी विदेशी वहां स्थाई तौर पर पैर न जमा सके।



