
शासकीय माता शबरी नवीन महाविद्यालय में शुक्रवार को ऐसा वातावरण देखने को मिला, जहां शिक्षा के साथ कौशल और आत्मनिर्भरता का सुंदर समन्वय नजर आया। गृह विज्ञान विभाग एवं आईक्यूएसी (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित खाद्य परिरक्षण प्रदर्शनी ने छात्राओं को अपने हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। इस आयोजन ने महाविद्यालय परिसर को रचनात्मक ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।
प्रदर्शनी में छात्राओं ने अपने हाथों से तैयार किए गए अचार, पापड़, चिप्स, मुरब्बा और अन्य पारंपरिक खाद्य उत्पादों को आकर्षक तरीके (Government Mata Shabari College ) से प्रस्तुत किया। प्रत्येक स्टॉल पर छात्राओं की मेहनत और उनकी रचनात्मक सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। उत्पादों की गुणवत्ता, प्रस्तुति और विविधता ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और छात्राओं के कौशल की सराहना की गई।
इस आयोजन का उद्देश्य छात्राओं के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करना और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना था। छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां उन्हें नई चीजें सीखने का अवसर देती हैं और उनके आत्मविश्वास को मजबूत बनाती हैं। कई छात्राओं ने यह भी कहा कि खाद्य परिरक्षण से जुड़ा यह ज्ञान भविष्य में स्वरोजगार का माध्यम बन सकता है।
प्रदर्शनी के दौरान छात्राओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का विक्रय भी किया गया, जिससे उन्हें बाजार की कार्यप्रणाली और ग्राहकों की पसंद को समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। इस अनुभव ने उन्हें यह एहसास दिलाया कि उनके कौशल के माध्यम से वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शशिकला सिन्हा ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं (Government Mata Shabari College) रखते, बल्कि छात्राओं को जीवन के व्यावहारिक पक्ष से भी जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित गतिविधियां छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं और उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का आयोजन गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष शोभा माहेश्वर के निर्देशन में किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी छात्राओं को अपने कौशल को पहचानने और उसे भविष्य में स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करती है। यह आयोजन छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें नई संभावनाओं से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस अवसर पर डॉ. आरती सिंह, डॉ. अर्चना शुक्ला, डॉ. इसाबेला, डॉ. बेला महंत, डॉ. ललिता साहू, डॉ. अनुपा, डॉ. वंदना, डॉ. दीपिका एवं डॉ. आनंद सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
महाविद्यालय में आयोजित यह प्रदर्शनी न केवल छात्राओं के कौशल का प्रदर्शन बनी, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि शिक्षा के साथ कौशल का समावेश ही आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है।



