रेल यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब ट्रेन घंटों देरी से चलती (Train Refund Rules) है। कई बार यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ती है, लेकिन अधिकांश लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि ऐसी स्थिति में टिकट का पूरा पैसा वापस भी मिल सकता है। इसी वजह से कई यात्री बिना रिफंड लिए ही नुकसान उठा लेते हैं।
अगर आपकी भी ट्रेन लंबे समय तक लेट हो गई है और आपने सफर नहीं करने का फैसला किया है, तो भारतीय रेलवे के नियम आपके लिए राहत लेकर आते हैं। हालांकि, इसके लिए तय प्रक्रिया और समयसीमा का पालन करना जरूरी है।
तीन घंटे या उससे अधिक देरी पर मिल सकता है पूरा रिफंड Train Refund Rules
रेलवे के नियमों के अनुसार यदि आपकी ट्रेन निर्धारित समय से तीन घंटे या उससे अधिक देर से चल रही है और आपके पास कन्फर्म, आरएसी या वेटिंग टिकट है, तो आप यात्रा न करने का निर्णय लेकर पूरे किराए के रिफंड के लिए दावा कर सकते हैं। यदि ट्रेन चार घंटे या उससे अधिक लेट है और आप सफर नहीं करना चाहते, तो निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने पर पूरा टिकट किराया वापस मिल सकता है।
ऑनलाइन टिकट वालों को करना होगा यह काम
जिन यात्रियों ने ई टिकट बुक किया है, उन्हें ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से पहले टीडीआर यानी टिकट डिपॉजिट रसीद दर्ज करनी होगी। यह प्रक्रिया आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से पूरी की जा सकती है। टीडीआर दर्ज किए बिना रिफंड की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। सफल आवेदन के बाद आमतौर पर तीन से सात कार्य दिवस के भीतर राशि उसी बैंक खाते में भेज दी जाती है, जिससे टिकट बुक किया गया था।
काउंटर टिकट है तो ऐसे मिलेगा पैसा
यदि टिकट रेलवे आरक्षण काउंटर से खरीदा गया है, तो रिफंड पाने के लिए यात्री को स्वयं आरक्षण काउंटर पर जाकर टिकट रद्द कराना होगा। रेलवे के अनुसार केवल ट्रेन लेट होने से अपने आप रिफंड नहीं मिलता। समय रहते टिकट रद्द कराना आवश्यक है, तभी पूरा पैसा वापस मिलने की प्रक्रिया शुरू होती है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ट्रेन रवाना होने के बाद टिकट रद्द करने पर सामान्यतः पूरा रिफंड (Train Refund Rules) नहीं मिलता। इसलिए यदि ट्रेन तीन घंटे या उससे अधिक देर से चल रही है और आपने यात्रा नहीं करने का निर्णय लिया है, तो तय समय के भीतर आवश्यक प्रक्रिया जरूर पूरी करें।
सामान्य परिस्थितियों में जब ट्रेन समय पर होती है और यात्री स्वयं टिकट रद्द करता है, तब रेलवे टिकट के प्रकार और रद्द करने के समय के अनुसार निर्धारित कैंसिलेशन शुल्क काटता है।
