छत्तीसगढ़शहर

Unique Performance : कफन ओढ़कर सड़क पर लेट गए कोरोना योद्धा…फिर क्या?

माथा पीटकर रोती रही महिलाएं

रायपुर/नवप्रदेश। Unique Performance : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस जब पूरी दुनिया को चपेट में ले रखा था तब कोरोना के फ्रंट लाइन वारियर्स हर दिन अपनी जान हथेली पर रख इस वायरस से लड़ रहे हैं। कुछ ने तो अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए इस युद्ध में जान तक न्योछावर कर दी है। लेकिन जैसे ही वायरस की रफ्तार कम होने लगी वैसे ही उन्हें नौकरी से निकाल दिया। इस बात से गुस्साए फ्रंट लाइन वारियर्स आज कई दिनों से हड़ताल पर डटे है। इसी कड़ी में शनिवार को उनका अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला।

दरअसल, छत्तीसगढ़ में कोविड केंद्रों से निकाले गए स्वास्थ्य कर्मियों ने शनिवार सुबह से ही अनोखे तरीकों (Unique Performance) से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उनका प्रदर्शन चर्चा का विषय बना। कोरोना योद्धाओं ने सुबह 5 बजे कफन ओढ़कर लाश की तरह सड़क पर लेटे प्रदर्शन किया। लाश के पास बैठी युवतियां माथा पीटकर रो रही थीं। वे अपनी बदहाली के जिम्मेदारों को कोस रही थीं और रोजगार की मांग कर रही थीं। ये प्रदर्शन करीब 3 घंटे तक बूढ़ापारा की सड़क पर जारी रहा।

Unique Performance: Corona warriors lying on the road wearing a shroud...then what?

पुलिस टीम ने किया 30 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार

कर्मचारियों के इस प्रदर्शन (Unique Performance) की जानकारी मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंच गई। प्रदर्शनकारियों से पुलिस अफसरों ने कहा कि वो सड़क को जाम न करें। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश दी कि अपना विरोध प्रदर्शन बंद करके रास्ता खाली कर दें। ये प्रदर्शन अलसुबह होने के कारण ज्यादा जाम नहीं रहा, लेकिन पुलिस उनके प्रति सख्य रहे। बीच सड़क से हटने को कोरोना वॉरियर्स राजी नहीं हुए और इसके चलते उनकी पुलिस से अच्छी-खासी बहस हो गई। ना मानने की स्थिति में पुलिस की टीम ने 30 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। अब इन्हें सेंट्रल जेल ले जाया गया है।

Unique Performance: Corona warriors lying on the road wearing a shroud...then what?

बता दें कि सेवा वृद्धि की मांग को लेकर पिछले 60 दिनों से अधिक समय से आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान कई स्वास्थ्य कर्मियों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती भी कराया गया। जबकि कोरोना योद्धा अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने फिर से धरना देकर आंदोलन जारी रखा।

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