TMC Crisis : ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, पार्टी के दो बड़े चेहरों ने छोड़ा साथ

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने (TMC Crisis) आया है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही उठापटक के बीच पार्टी को नया झटका लगा है। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से जिस चर्चा की गूंज थी, वह अब हकीकत में बदलती दिखाई दे रही है। इस घटनाक्रम ने राज्य से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
पार्टी के भीतर असंतोष और लगातार सामने आ रही नाराजगी की खबरों के बीच यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब राज्यसभा चुनाव भी करीब हैं और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा : TMC Crisis
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने अपने पद से इस्तीफा (TMC Crisis) दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी से भी दूरी बना ली है। लंबे समय से उनके पार्टी नेतृत्व से नाराज होने की चर्चाएं चल रही थीं। वहीं कोयल मलिक ने भी पद छोड़ने का फैसला किया है। उनके इस्तीफे की घोषणा ने पार्टी की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
राज्यसभा में घटेगी संख्या
दोनों नेताओं के अलग होने के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की संख्या 13 से घटकर 11 रह जाएगी। कोयल मलिक को हाल ही में उच्च सदन भेजा गया था और उनका कार्यकाल वर्ष 2032 तक था। दूसरी ओर सुखेंदु शेखर रॉय का कार्यकाल वर्ष 2029 तक चलना था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय ले लिया।
उपचुनाव में बदल सकते हैं समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन सीटों पर उपचुनाव होने की स्थिति में नए राजनीतिक समीकरण बन (TMC Crisis) सकते हैं। विपक्षी दलों को इसका लाभ मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और विधानसभा में बदलते संख्या बल को देखते हुए आगामी चुनावी मुकाबले दिलचस्प हो सकते हैं।
पार्टी के भीतर बढ़ रही नाराजगी
पिछले कुछ समय से पार्टी के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा संगठन की कार्यशैली को लेकर असंतोष जाहिर किया जाता रहा है। कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से भी अपनी नाराजगी व्यक्त की है। इसी क्रम में काकोली घोष दस्तीदार ने भी पार्टी के विभिन्न पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने पत्र में संगठन के भीतर के कुछ मुद्दों का



