Tiger Cub Escape 2025 : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शावक छोटे बाड़े से बड़े बाड़े की ओर भागा

Tiger Cub Escape 2025

Tiger Cub Escape 2025

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव प्रेमियों और वन प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गई है। नौ अक्टूबर, 2025 को लावारिस मिले कांटीवाह बाघिन के दो शावकों में से एक शावक छोटे से बड़े बाड़े में शिफ्टिंग के दौरान वनकर्मियों को चकमा देकर गायब हो गया।

खुले जंगल में निकल जाने के कारण शावक की जान खतरे में पड़ सकती है। वयस्क बाघ या अन्य शिकारी जानवर शावक को नुकसान पहुंचा सकते हैं क्योंकि यह अपनी सुरक्षा में सक्षम नहीं है। यह घटना (Tiger Cub Escape 2025) वन्यजीव सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वन प्रबंधन ने तुरंत शावक की तलाश शुरू कर दी। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि दोनों शावकों को ताला परिक्षेत्र के एक बाड़े में रखा गया था। बड़े बाड़े में शिफ्टिंग के दौरान पांच जनवरी की शाम पिंजरा लगाया गया था। इसी दौरान एक शावक पिंजरे की आड़ लेकर बाड़े से बाहर निकलने में सफल रहा। थोड़ी देर तक वनकर्मी यह मानते रहे कि शावक पिंजरे में ही है, लेकिन इसके बाद पूरी खोज शुरू हुई।

वन अधिकारियों ने बताया कि शावक की तलाश तुरंत करना जरूरी है। खुले जंगल में आने से शावक को वयस्क बाघ और अन्य बड़े जीवों से खतरा है। वन अमला (Tiger Cub Escape 2025) शावक को सुरक्षित पकड़ने और बाड़े में वापस लाने के लिए पूरी तरह तैनात है। आसपास के क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि शावक की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बाड़े से बड़े बाड़े में शिफ्टिंग के समय अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। इस घटना ने वन प्रबंधन को शिफ्टिंग प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने की आवश्यकता पर ध्यान दिलाया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन अमला शावक की तलाश में पूरी तरह जुटा हुआ है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वह सुरक्षित पकड़ में आ जाएगा। इस प्रयास से (Tiger Cub Escape 2025) वन्यजीव संरक्षण और शावक की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।