आज बेबाक़

आज का बेबाक : इसे कहते हैं गरीबी में आटा गीला होना

This is called getting wet in poverty: इसे कहते हैं गरीबी में आटा गीला होना, दाने-दाने और कौड़ी-कौड़ी को मोहताज पाकिस्तान ने तीस सालों के लंबे अंतराल के बाद अपने यहां आईसीसी टूर्नामेन्ट कराया। अपने स्टेडियम को नया रूप देने में करोड़ों खर्च किये।

उसे उम्मीद थी कि चैपियन्स ट्रॉफी की मेजबानी करने से वह 4 पैसे कमा लेगा जो आड़े वक्त में उसके काम आएंगे, लेकिन उसके हाथ कानी कौड़ी भी नहीं लगी। उल्टे उसे आठ सौ करोड़ का नुकसान हो गया। भारत से पंगा उसे बहुत भारी पड़ा। इस तरह पाकिस्तान पर दुबर पर दो अषाढ़ वाली कहावत चरितार्थ हो गई।

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