यूएस ने टैरिफ में कटौती की घोषणा की, लेकिन ट्रंप ने बड़ा दावा किया; क्या भारत और रूस की दोस्ती टूट जाएगी?
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नई दिल्ली। trump tariff: यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। ट्रंप ने यह दावा तब किया है जब यूएस ने भारत पर टैरिफ में कमी की घोषणा की है। भारत में यूएस एम्बेसडर सर्गेई गोर ने कहा कि भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 परसेंट कर दिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा बहुत अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह भारत की एनर्जी पॉलिसी और भारत और रूस के मजबूत रिश्तों से जुड़ा है। पिछले कुछ समय से भारत और रूस तेल और एनर्जी सेक्टर में पार्टनर रहे हैं। दोनों देशों के बीच स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है। ट्रंप ने यह दावा किया। लेकिन उन्होंने ट्रंप के इस दावे के पीछे कोई ठोस वजह या तय टाइम फ्रेम नहीं बताया। हालांकि, इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत अपनी एनर्जी पॉलिसी में कोई बड़ा बदलाव करेगा।
भारत सरकार ने अभी तक प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के रूस से तेल न खरीदने के दावे पर ऑफिशियली कोई रिएक्शन नहीं दिया है। इसलिए ट्रंप के दावे को कन्फर्म नहीं किया जा सकता। सोमवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई। भारत में यूएस के एम्बेसडर सर्गेई गोर ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि प्रेसिडेंट ट्रंप और प्राइम मिनिस्टर मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई। जल्द ही कुछ बड़े अनाउंसमेंट किए जाएंगे। उसके डेढ़ घंटे बाद यूएस ने भारत पर टैरिफ में कटौती का अनाउंसमेंट किया।
पीएम मोदी ने कहा शुक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बातचीत पर खुशी जताई। उन्होंने यूएस के फैसले का स्वागत किया और कहा कि अब भारत में बने प्रोडक्ट्स पर यूएस में 18 परसेंट से कम टैरिफ लागू होगा। उन्होंने ट्रंप को उनके फैसले के लिए भारत के 140 करोड़ लोगों की तरफ से धन्यवाद दिया। दो बड़ी आर्थिक ताकतों और दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी के बीच इस सहयोग से लोगों को फायदा होगा। इससे नए मौके बनेंगे। मोदी ने कहा कि जब भारत और यूएस मिलकर काम करते हैं, तो दोनों देशों के बीच तालमेल और मजबूत रिश्ते बढ़ते हैं। इससे ग्लोबल स्टेबिलिटी और खुशहाली बढ़ती है।
भारत रूस से कितना तेल इंपोर्ट करता है?
भारत ने 2020-21 के दौरान रूस से 0.419 मिलियन मीट्रिक टन इंपोर्ट किया। यह भारत के कुल इंपोर्ट का 1.59 परसेंट था। भारत ने 2021-22 में 4 मिलियन मीट्रिक टन, 2022-23 में 52 मिलियन मीट्रिक टन, 2023-24 में 70 से 75 मिलियन मीट्रिक टन और 2024-25 में 87 मिलियन मीट्रिक टन से ज़्यादा इंपोर्ट किया। यह कुल इम्पोर्ट का 35.14 परसेंट है। यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा है। हालांकि, यूएस भारत के इस ट्रांज़ैक्शन का विरोध कर रहा है। इस वजह से यूएस ने भारत पर टैरिफ़ लगा दिए थे।
