छत्तीसगढ़

Raipur Police Corruption : 12 लाख की रकम गबन मामला…माना थाना में ‘ईमान’ हारा…पुलिस की जेब में गया जुआ का पैसा…

Raipur Police Corruption : राजधानी रायपुर में एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने खाकी पर लगे भरोसे के रंग को फीका कर दिया है। माना थाना क्षेत्र में पुलिस ने फार्म हाउस से लौट रहे एक युवक से 12 लाख रुपये जब्त किए, लेकिन ये रकम थाने के रिकॉर्ड में कहीं दर्ज नहीं हुई क्योंकि उसे थानेदार और सिपाहियों ने मिलकर ‘हजम’ कर लिया।

अब थाना प्रभारी यमन देवांगन को लाइन अटैच कर दिया गया है, वहीं हवलदार रमेश राठौर, आरक्षक हेमंत राठौर और निराला को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

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 ‘जुए’ से निकली रकम ‘ईमान’ निगल गया

जानकारी के अनुसार, शनिवार रात माना थाना क्षेत्र के वीआईपी रोड स्थित फार्म हाउस में एक बड़े जुए का खेल चल रहा था।

वहीं से एक युवक लगभग 12 लाख रुपये जीत कर बाहर निकला।

हारे हुए जुआरियों(Raipur Police Corruption) ने इस बात की सूचना माना थाने को दी।

पुलिस ने मौके से युवक को पकड़ा और रकम जब्त की… लेकिन उस रकम को थाने में जमा नहीं किया गया।

यही वह मोड़ था, जहां ‘कानून’ को जेब में डाल लिया गया।

गबन खुला, तो हड़कंप मचा – SSP ने दिखाई सख्ती

जैसे ही यह मामला एसएसपी के संज्ञान में आया, उन्होंने फौरन

थाना प्रभारी को लाइन अटैच किया

तीनों अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को निलंबित(Raipur Police Corruption) कर विभागीय जांच शुरू कर दी

वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आरोप सिद्ध होने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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कहानी में अब भी कई अनसुलझे सवाल…

क्या यह रकम केवल एक ही युवक से ली गई थी, या और भी ऐसे मामले दबाए गए हैं?

क्या सारा घटनाक्रम बिना वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी के हुआ?

जुआ खेलने वाले फार्म हाउस के आयोजकों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं?

पुलिस की ‘पकड़’ पर अब सवाल – जब जब्त रकम भी सुरक्षित नहीं…

यह घटना न केवल पुलिस विभाग की आंतरिक साख(Raipur Police Corruption) पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम नागरिकों के मन में यह भी डर बैठा सकती है कि अगर जब्त रकम ही “गबन का शिकार” हो सकती है, तो आमजन की सुरक्षा कितनी सुरक्षित है?

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