Botswana Cheetahs Arrival : बोत्सवाना से आएंगे आठ चीते, कूनो नेशनल पार्क में तीसरे चरण की बड़ी तैयारी

अफ्रीकी चीतों की भारत वापसी की महत्वाकांक्षी परियोजना अब नए चरण में प्रवेश करने जा रही है। शनिवार को बोत्सवाना से आठ चीते भारत (Botswana Cheetahs Arrival) लाए जाएंगे, जिन्हें मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा। यह चीता पुनर्वास परियोजना का तीसरा चरण होगा। अधिकारियों के अनुसार छह मादा और दो नर चीते विशेष विमान से बोत्सवाना से उड़ान भरकर शनिवार सुबह सात से आठ बजे के बीच ग्वालियर एयरबेस पहुंचेंगे,
जहां से भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए उन्हें सीधे कूनो पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी प्रस्तावित है।
यह अफ्रीकी चीतों का भारत में आने वाला तीसरा समूह होगा। इससे पहले 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। वर्तमान में 11 वयस्क चीते जीवित हैं और निरंतर प्रजनन के कारण कुल संख्या बढ़कर 39 तक पहुंच चुकी है,
जिनमें से तीन को मंदसौर स्थित गांधीसागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया (Botswana Cheetahs Arrival) गया है। कूनो में अब तक 40 शावकों का जन्म हो चुका है, जिनमें 28 जीवित हैं। नए आठ चीतों के आगमन के बाद कुल संख्या 47 तक पहुंचने की संभावना है, जिससे परियोजना को और मजबूती मिलेगी।
इस बीच कूनो में जन्मे शावकों को लेकर भी नया अपडेट सामने आया है। पहले यह जानकारी दी गई थी कि मादा चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है, लेकिन अब चार शावकों की पुष्टि हुई है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की निगरानी के दौरान चौथे शावक की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती संख्या और नए समूहों का आगमन इस बात (Botswana Cheetahs Arrival) का संकेत है कि भारत में चीता पुनर्वास परियोजना धीरे-धीरे स्थिरता की ओर बढ़ रही है। कूनो नेशनल पार्क अब एशिया में चीतों के पुनर्वास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है और वन्यजीव संरक्षण के वैश्विक प्रयासों में भारत की सक्रिय भागीदारी को भी रेखांकित करता है।



