छत्तीसगढ़

Democracy Fighter Chhattisgarh : लोकतंत्र की नींव रखने वाले से संवाद, मुख्यमंत्री साय ने 92 वर्षीय डॉ. निर्मल घोष का किया सम्मान4

लोकतंत्र की जड़ों को सींचने वाले संघर्षों की जीवित मिसाल, बैकुंठपुर निवासी 92 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी डॉ. निर्मल घोष से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनके निवास पहुंचकर सौजन्य (Democracy Fighter Chhattisgarh) भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल उनका कुशलक्षेम जाना, बल्कि शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया। आत्मीय वातावरण में हुई इस भेंट ने लोकतंत्र, त्याग और स्मृतियों को वर्तमान से जोड़ दिया।

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मुख्यमंत्री ने डॉ. घोष के परिजनों से भी संवाद किया। इस दौरान उनकी सुपुत्री सुवर्णा पॉल एवं दामाद तापस पाल ने डॉ. घोष के जीवन संघर्ष, आपातकालीन दौर की पीड़ाएं और सामाजिक योगदान को साझा किया। घर का वातावरण इतिहास की उन कहानियों से भर गया, जिन्होंने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत किया।

भेंट के दौरान डॉ. घोष ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि उस कठिन दौर में उन्हें लगभग 19 माह तक अलग-अलग जेलों में निरुद्ध (Democracy Fighter Chhattisgarh) रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की कीमत उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से चुकाई है, लेकिन आज देश को लोकतांत्रिक रूप से फलते-फूलते देखना उनके लिए संतोष का विषय है।

अपने छात्र जीवन की चर्चा करते हुए डॉ. घोष ने बताया कि उन्होंने मिशन स्कूल, माधवराव सप्रे स्कूल तथा नागपुर में शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1955 में आयुर्वेदिक कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद सागर विश्वविद्यालय से बीएमएस की डिग्री हासिल की। शासकीय सेवा के बजाय उन्होंने 1960 में बैकुंठपुर में निजी चिकित्सालय की स्थापना की और दशकों तक आमजन की सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. घोष की स्मरण शक्ति, राष्ट्रप्रेम और जीवटता की सराहना करते हुए कहा कि इतनी आयु में भी उनका अनुभव और वैचारिक स्पष्टता समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसे विराट व्यक्तित्व से मिलना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और तपस्या का ही प्रतिफल है कि आज लोकतांत्रिक सरकारें जनता की सेवा कर पा रही हैं।

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मुलाकात के दौरान डॉ. घोष ने मुख्यमंत्री को बैकुंठपुर के विकास से जुड़े कुछ सुझाव भी दिए, जिन पर विस्तार (Democracy Fighter Chhattisgarh) से चर्चा हुई। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक भैयालाल राजवाड़े सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह मुलाकात केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि पीढ़ियों को जोड़ने वाला एक संवेदनशील संवाद बनकर सामने आई।

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