
बांग्लादेश की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला (Hindu Buddhist Ministers Bangladesh) है। आम चुनाव में जीत के बाद तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और नई कैबिनेट का गठन किया। इस मंत्रिमंडल में एक हिंदू और एक बौद्ध नेता को शामिल कर अल्पसंख्यक समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
नई सरकार में हिंदू समुदाय से निताई रॉय चौधरी और बौद्ध समुदाय से दीपेन दीवान चकमा ने मंत्री पद की शपथ ली। दोनों नेता Bangladesh Nationalist Party (BNP) से जुड़े हैं।
चुनाव में अल्पसंख्यक चेहरों की जीत
हालिया संसदीय चुनाव में चार अल्पसंख्यक उम्मीदवार विजयी रहे – दो हिंदू और दो बौद्ध। हिंदू नेताओं में गायेश्वर चंद्र रॉय और निताई रॉय चौधरी, जबकि बौद्ध नेताओं में सचिन प्रू और दीपेन दीवान चकमा (Hindu Buddhist Ministers Bangladesh) शामिल हैं। इनमें से निताई रॉय चौधरी और दीपेन दीवान चकमा को कैबिनेट में स्थान मिला है।
शपथ समारोह में बदलाव
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पारंपरिक बंगभवन की बजाय जातीय संसद के साउथ प्लाजा में शपथ दिलाई। यह आयोजन राजनीतिक दृष्टि से प्रतीकात्मक माना जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि नई सरकार का यह कदम समावेशी राजनीति का संदेश (Hindu Buddhist Ministers Bangladesh) देता है और देश के विविध समुदायों को साथ लेकर चलने की मंशा दर्शाता है।



