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कोरोना : 12 साल बाद सेंसेक्स का हुआ ऐसा बुरा हाला, आज तो…

मुंबई/नई दिल्ली/नवप्रदेश। कोरोना (corona effect on sensex) वायरस का खौफ और कच्चे तेल की लगातार गिरती कीमतों का शेयर बाजार को नुकसान पहुंचाने का दौर जारी है।

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को ही लाल निशान से उभरने में खासी दिक्कतें आ रही हैं। हालात ये हो गए कि गुरुवार को शेयर बाजार लोअर सर्किट (lower circuit)  के बिल्कुल करीब जा पहुंचा, जिससे निवेशकों का डर और बढ़ गया। सेंसेक्स करीब 3150 अंक तक गिर गया।

यदि शेयर बाजार में 10 फीसदी या उससे ज्यादा गिर जाता है, तो उसमें लोअर सर्किट (lower circuit) लग जाता है और ट्रेडिंग रोक दी जाती है। सेंसेक्स में गुरुवार को आई गिरावट को 12 साल के बाद की सबसे बड़ी गिरावट माना जा रहा है। 2008 में ऐसी गिरावट देखी गई थी।

2008 में लगा था सेंसेक्स में लोअर सर्किट

इस बार कोरोना (corona effect on sensex) व कच्चे तेल के कारण सेंसेक्स 9 फीसदी के करीब तक जा चुका हैं और ये गिरावट 2008 के बाद सबसे बड़ी है, जिसके तहत सेंसेक्स करीब 3150 अंक तक गिर गया। 2008 में एक वक्त ऐसा आया था जब सेंसेक्स में लोअर सर्किट लगा था। बता दें कि 24 अक्टूबर 2008 को कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1070.63 प्वाइंट यानी 10.96 फीसदी टूटा था।

2017 के बाद पहली बार निफ्टी इतना नीचे

गुरुवार के कारोबार में निफ्टी 9600 के भी नीचे चला गया। यह आंकड़ा जुलाई 2017 के दौरान था। निफ्टी में भी गिरावट 9 फीसदी के करीब जा पहुंची है।
बता दें कि निफ्टी ने 25 जुलाई 2017 को 10,000 का आंकड़ा छुआ था। लेकिन जून 2017 खत्म होने पर निफ्टी 9520 अंकों पर था।

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