संपादकीय: राज्यसभा चुनाव में इंडी गठबंधन को झटका

Editorial: राज्यसभा की 37 रिक्त हुई सीटों के लिए हुए चुनाव में आईएनडीआईए को करारा झटका लगा है। इनमें से 26 सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ था। इसमें एनडीए के 14 सांसद चुने गये थे जिसमें से 7 भाजपा के हैं। शेष 11 सीटों के लिए एनडीए और आईएनडीआईए के बीच मुकाबला हुआ लेकिन इनमें से सिर्फ एकसीट हरियाणा की कांग्रेस के खाते में गई शेष 10 सीटों पर एनडीए को जीत मिली।
बिहार की सभी पांच सीटों एनडीए ने जीत ली वहीं उड़िसा की भी सभी 4 सीटों पर एनडीए को सफलता मिली। सिर्फ हरियाणा में ही एक सीट भाजपा को और एक सीट कांग्रेस को मिली।
इस तरह एनडीए की राज्यसभा में 9 सीटें बढ़ गई। जबकि आईएनडीआईए की सीटों कम हो गई। दरअसल इस बार भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विधायकों के क्रास वोटिंग करके एनडीए को जीत दिला दी। विपक्षी पार्टियों में एकजुटता का अभाव दिखा।
बिहार में तो बिहार में तो तेजस्वी यादव ने राज्यसभा की एक सीट हथियाने के लिए अस्सदुद्दीन ओवैसी से भी हाथ मिला लिया था इसके बावजूद कांग्रेस और खुद उनकी पार्टी राजद के विधायकों की दगाबाजी के चलते वे एक सीट भी नहीं जीत पाये। कुल मिलाकर राज्यसभा चुनाव में एक बार फिर आईएनडीआईए में सेंध लगाने में एनडीए सफल हो गई।



