छत्तीसगढ़

Indravati River : उफनती इंद्रावती नहीं रोक पाएगी ग्रामीणों की राह…CM ने पुल को किया जनता के हवाले

दंतेवाड़ा जिले को दी 251 करोड़ रूपए के विकास कार्याे की सौगात

रायपुर/नवप्रदेश। Indravati River : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दंतेवाड़ा जिले के छिंदनार में इन्द्रावती नदी पर 47 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित पुल को आज जनता को समर्पित किया। इस नवनिर्मित पुल की लम्बाई 712 मीटर और 8.40 मीटर है। इस पुल के बन जाने से अब छिंदनार इलाके के ग्रामीणों का रास्ता उफनती इन्द्रावती भी नहीं रोक सकेगी।

पुल न होने की वजह बरसात के दिनों में इन्द्रावती नदी के उस पार स्थित कई गांवों का जन-जीवन और आवागमन पूरी तरह थम जाता था, इस पुल के निर्माण से लोगों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलने लगी है। मुख्यमंत्री ने छिंदनार में आयोजित कार्यक्रम में दंतेवाड़ा जिले को लगभग 251 करोड़ रूपए के 814 कार्याे की सौगात दी है।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, विधायक देवती कर्मा, विक्रम मंडावी, सांसद दीपक बैज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

Indravati River: The raging Indravati will not be able to stop the path of the villagers.

छिंदनार पुल से ग्रामीणों की राहें हुई आसान

इंद्रावती नदी (Indravati River) पर पुल बनने से गांवों के विकास की गति तेज हुई है। बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ी है। जन-जीवन सहज हुआ है। इन्द्रावती नदी के पार के नक्सल प्रभावित ग्राम चेरपाल, तुमरीगुण्डा, पाहुरनार, कौरगांव सहित अन्य गांव में विकास और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच तेज हुई है जिससे लोगों के जीवन में एक नया बदलाव दिखाई देने लगा है। पुल निर्माण का वर्षों पुराना सपना पूरा होने से इन्द्रावती नदी के उस पार के गांव में उत्सव और हर्ष का माहौल है।

गौरतलब है कि इन्द्रावती नदी में बरसात के दिनों में बाढ़ आने पर ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता था। पुल बन जाने से अब पार के गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विकास में तेजी आई है। गांवों में बिजली भी पहुंच गई है। मरीगुंडा ग्राम पंचायत में 2 करोड़ की लागत से 18 पारों में 18 ट्रांसफार्मर लगाकर शतप्रतिशत घरों को विद्युतीकृत किया गया है, जिससे 410 हितग्राहियों को लाभान्वित हुए हैं।

विद्युतीकरण का काम में तेजी

इन्द्रावती नदी (Indravati River) के उस पार स्थित सभी गांवों के घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 3 करोड़ 91 लाख रूपए की स्वीकृत दी गई है, जिससे पाहुरनार गांव के विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है। चेरपाल गांव में विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है। जल जीवन मिशन अंतर्गत अंदरूनी इलाके के गांव में हर घर-नल से जल पहुंचाने के काम में भी तेजी आई है। पुल बन जाने से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ देने और दिलाने के लिए शासन और जनता के बीच की दूरी मिटी है।

अंदरुनी इलाकों में पहुंचने लगी बुनियादी सुविधाएं

  • जिला प्रशासन द्वारा गांव में शिविर लगाने और ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने में गति आई है।
  • इन्द्रावती नदी पार के गांवों में 632 हितग्राहियों का श्रम कार्ड बनाया जा चुका है, जिससे उन्हें कई योजनाओं का लाभ मिलने लगा है।
  • स्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान हुई है। गांव में अब आवश्यकता के अनुरूप 108 संजीवनी एक्सप्रेस एवं 102 महतारी एक्सप्रेस धड़ल्ले से आने-जाने लगी हैं।
  • डॉ खूबचंद बघेल आयुष्मान योजना अंतर्गत लगभग 2829 लोगों का आयुष्मान कार्ड तथा 45 दिव्यांगजनो को दिव्यांग प्रमाण पत्र दिया जा चुका है।
  • कोविड-19 संक्रमण के बचाव के लिए लोगों को टीका लगा दिया गया है।
  • सिंचाई एवं फसल उत्पादन में भी वृद्धि हुई है।
  • इन्द्रावती नदी के उस पार स्थित ग्राम पंचायतो में कुल 1656 लोगों को राशनकार्ड का लाभ मिलने लगा है।
  • दंतेवाड़ा जिले के सीमा क्षेत्र नारायणपुर जिले के 356 हितग्राहियों को दंतेवाड़ा से राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • इन्द्रावती पर पुल निर्माण से समग्र विकास को गति और ग्रामीणों का जीवन गतिशील हुआ है।

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