छत्तीसगढ़

Jaggi Murder Case : जग्गी हत्याकांड में कोर्ट सख्त, समय की मांग ठुकराई, कल निर्णायक सुनवाई

छत्तीसगढ़ के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में आज हाईकोर्ट (Jaggi Murder Case) में हुई सुनवाई ने साफ कर दिया है कि अब इस केस में ज्यादा देर नहीं होगी। सुनवाई के दौरान Amit Jogi की ओर से अतिरिक्त समय की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कहा कि अब मामले को लंबा खींचने की अनुमति नहीं दी जाएगी और अगली सुनवाई में अंतिम बहस पूरी की जाएगी।

कोर्ट का कड़ा रुख, अब सीधे फैसले की ओर मामला (Jaggi Murder Case)

हाईकोर्ट ने साफ संकेत दिए हैं कि यह मामला अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। कोर्ट ने अगली तारीख तय करते हुए कहा कि कल इस केस में अंतिम सुनवाई होगी। लंबे समय से चल रहे इस हाईप्रोफाइल केस में अब फैसला आने की उम्मीद तेज हो गई है।

2003 की हत्या, जिसने पूरे प्रदेश को हिला दिया

गौरतलब है कि 4 जून 2003 को Ram Avtar Jaggi की गोली मारकर हत्या कर (Jaggi Murder Case) दी गई थी। इस वारदात ने उस समय पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। मामले में 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से दो सरकारी गवाह बन गए थे।

ट्रायल कोर्ट का फैसला और फिर कानूनी लड़ाई

साल 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन Amit Jogi को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद मामला दोबारा हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए भेजा गया।

जमानत के बाद भी संकट बरकरार

अंतिम सुनवाई से ठीक पहले अमित जोगी को रायपुर की निचली अदालत से जमानत मिल चुकी है। उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी गई है, लेकिन कानूनी रूप से उनकी स्थिति अब भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। हाईकोर्ट का अंतिम फैसला उनके भविष्य को तय करेगा।

राजनीतिक और कानूनी दोनों नजरों से अहम केस

यह मामला सिर्फ एक आपराधिक केस नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी अहम (Jaggi Murder Case) माना जा रहा है। लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का नतीजा अब सामने आने वाला है और पूरे प्रदेश की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।

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