Suvendu Adhikari : पश्चिम बंगाल में बदली सत्ता की तस्वीर, शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की ली शपथ

कोलकाता में शनिवार को राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। ब्रिगेड परेड मैदान के आसपास सुबह से ही भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला, क्योंकि पहली बार राज्य में पार्टी की सरकार बनने जा रही थी।

शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पूरे शहर में हलचल (Suvendu Adhikari) बनी रही। बड़े नेताओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार चलता रहा और सुरक्षा व्यवस्था भी काफी कड़ी रखी गई थी। समारोह के दौरान मंच पर जैसे ही शुभेंदु अधिकारी पहुंचे, समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया।

पहली बार भाजपा के हाथ आई सत्ता

भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह राज्य में इस पद तक पहुंचने वाले भाजपा के पहले नेता बन गए हैं। राज्यपाल आर एन रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया। लंबे समय से राज्य की राजनीति में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह परिणाम काफी अहम माना जा रहा है।

पांच नेताओं ने भी संभाली मंत्री की जिम्मेदारी : Suvendu Adhikari

मुख्यमंत्री के साथ पांच भाजपा नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक शामिल रहे। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल के गठन में अलग अलग सामाजिक वर्गों को ध्यान में रखकर प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी ने क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है।

समारोह में पहुंचे कई बड़े चेहरे

शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और रक्षा मंत्री Rajnath Singh समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल हुए।

चुनाव में दर्ज की बड़ी जीत

विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों पर संतोष (Suvendu Adhikari) करना पड़ा। शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। भवानीपुर सीट पर उन्होंने Mamata Banerjee को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। वहीं नंदीग्राम सीट पर भी उन्हें बड़ी बढ़त मिली।

रिकॉर्ड मतदान ने बदल दिया समीकरण

इस चुनाव में पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। पहले चरण में 93 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में भी 91 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भारी मतदान और बदले जनमत ने राज्य की राजनीति की पूरी दिशा बदल दी। लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन होने से बंगाल की सियासत में नया अध्याय शुरू माना जा रहा है।

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