DERC Chairman : बिजली आयोग में खाली पदों पर आखिर क्यों सख्त हुई अदालत, सरकार को मिला बड़ा निर्देश

राजधानी में बिजली व्यवस्था से जुड़े अहम पद लंबे समय से खाली होने को लेकर शुक्रवार को न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल (DERC Chairman) तेज रही। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच इस बात की चर्चा बनी रही कि आयोग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया कब पूरी होगी और अदालत इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाएगी।

सुनवाई के दौरान अदालत की टिप्पणियों पर सभी की नजरें टिकी रहीं। सरकारी पक्ष की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जानकारी दी गई, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने स्पष्ट समयसीमा तय करते हुए चयन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।

दो महीने में पूरी करनी होगी प्रक्रिया : DERC Chairman

सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली सरकार की ओर से गठित चयन समिति से कहा है कि वह दिल्ली विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति दो महीने के भीतर सुनिश्चित करे। अदालत ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

सरकार ने दी समिति गठन की जानकारी

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष एक अधिसूचना रखी गई, जिसमें बताया गया कि 27 मई को आयोग में खाली पड़े तीन पदों को भरने के लिए खोज और चयन समिति का गठन किया गया है। यह कदम पहले दिए गए न्यायिक निर्देशों के तहत उठाया गया।

चयन और नियुक्ति पर अदालत का जोर

पीठ ने समिति को निर्देश दिया कि वह निर्धारित अवधि के भीतर अध्यक्ष और दोनों सदस्यों के चयन की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास करे। अदालत ने माना कि आयोग के रिक्त पदों को भरना आवश्यक है ताकि नियामकीय कामकाज प्रभावित न हो।

अनुपालन रिपोर्ट भी देनी होगी

अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा कि दो महीने बाद इस मामले में अनुपालन शपथपत्र दाखिल (DERC Chairman) किया जाए। अगली सुनवाई के दौरान नियुक्तियों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

एक महीने की समयसीमा की भी हुई मांग

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता संस्था की ओर से पेश वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि चयन समिति को एक महीने के भीतर नियुक्तियां पूरी करने का निर्देश दिया जाए। हालांकि पीठ ने दो महीने की समयसीमा तय करते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

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