संपादकीय: हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट की नसीहत
Supreme Court's advice on hate speech
Editorial: देश केबड़बोले नेताओं के विवादास्पद भाषणों को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है और हेट स्पीच को लेकर ऐसे नेताओं को नसीहत दी है गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। जिसमें नेताओं और मीडिया के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग की गई थी और कहा गया था कि कुछ नेताओं के विवादास्पद भाषण आपसी भाईचारे को तथा संवैधानिक मूल्यों को प्रभातिव करते हैं।
इन याचिकाकर्ताओं की ओर से कपिल सिब्बल ने अपनी बात रखी थी और उन्होंने दलील दी थी कि देश में महौल जहरीला होता जा रहा है इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सलाह दी है कि वे नई याचिका दाखिल करें। मौजूदा याचिका तो एक खास राजनीतिक दल के कुछ चुनिंदा नेताओं के खिलाफ ही लगती है इसलिए इसे खारिज किया जाता है। यदि याचिकाकर्ता निष्पक्ष याचिका दाखिल करेंगे तो उस पर सुप्रीम कोर्ट सुनपवाई जरूर करेगा।
गौरतलब है कि इसके पहले भी कई बार सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच को लेकर संबंधित लोगों को कड़ी फटकार लगाई थी लेकिन बयानवीर नेता बोलवचन करने से बाज नहीं आते और जब तब विवादास्पद बयानबाजी करते ही रहते हैं। खासतौर पर जब कहीं भी चुनाव होने वाले होते हैं तब ऐसे बयानवीर नेता विवादास्पद बयानबाजी शुरू कर देते हैं। इस पर सभी राजनीतिक पार्टिर्यों में ऐसे बड़बोले नेताओं की कमी नहीं है। इनकी जुबान पर रोक लगना जरूरी है।
