Supreme Court Relief : सुप्रीम कोर्ट ने नेहा राठौर को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की
Supreme Court Relief
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Relief) ने लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित उनके सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। इन पोस्टों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं को लेकर विवादित टिप्पणियां सामने आई थीं।
न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस चंदुर्कर की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया और कहा कि राठौर के खिलाफ कोई दमनात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राठौर जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होंगी और पूरी जांच में सहयोग करेंगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राठौर को (Supreme Court Relief) के तहत गिरफ्तारी से राहत मिली है। मामले में एडिशनल एडवोकेट जनरल शरण ठाकुर ने कहा कि राठौर जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं और पुलिस द्वारा जारी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। हालांकि, पीठ ने उन्हें (Supreme Court Relief) के आधार पर निर्देश दिया कि वे जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।
इससे पहले, इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने पिछले वर्ष पांच दिसंबर को राठौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। राठौर के खिलाफ एफआईआर 27 अप्रैल को हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर () का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता अभय प्रताप सिंह ने दावा किया कि राठौर ने विशेष समुदाय को भड़काने वाले पोस्ट शेयर किए, जिससे देश की एकता को खतरा पैदा हो सकता है।
राठौर ने अपनी याचिका में कहा कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने (Supreme Court Relief) के तहत उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है और मामले की सुनवाई के दौरान () को सुनिश्चित किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि राठौर को किसी भी परिस्थिति में पुलिस द्वारा उत्पीड़न का सामना नहीं करना चाहिए।
मामले की जांच जारी है और पुलिस से कहा गया है कि राठौर की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। विशेषज्ञों के अनुसार, (Supreme Court Relief) के निर्णय से सोशल मीडिया और कानूनी प्रक्रिया में संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। इस कदम से यह भी संकेत मिलता है कि कानूनी सुरक्षा का अधिकार हर नागरिक को सुरक्षित रूप से मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राठौर की सुरक्षा और कानूनी स्थिति स्पष्ट हो गई है, जिससे मामले में () की प्रक्रियाओं में किसी तरह का रुकावट नहीं आएगी।
