Supreme Court Facebook Post : फेसबुक पोस्ट की भाषा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, महिला वकील को लगाई कड़ी फटकार
Supreme Court Facebook Post
सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी की भाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख (Supreme Court Facebook Post) अपनाया है। केरल में कांग्रेस विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में शीर्ष अदालत ने एक महिला वकील को सख्त फटकार लगाई और उनकी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।
यह मामला महिला वकील दीपा जोसेफ से जुड़ा है, जिन्होंने केरल में कांग्रेस विधायक राहुल मामकूट्टाथिल पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। इस पोस्ट के बाद केरल पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
“अगर किसी पुरुष ने लिखा होता, तो अभी गिरफ्तार करवा देते”
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कड़े शब्दों में टिप्पणी की। पीठ ने कहा, “एक महिला होते हुए आपने दूसरी महिला के बारे में किस तरह की भाषा का इस्तेमाल (Supreme Court Facebook Post) किया है। अगर यह सब किसी पुरुष ने लिखा होता, तो हम उसे यहीं गिरफ्तार करवा देते।”
“आप वकील हैं, क्या ऐसी भाषा की अपेक्षा की जाती है?”
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि एक वकील से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती। जब याचिकाकर्ता ने यह दलील दी कि उसने न तो किसी का नाम लिया और न ही अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, तो पीठ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आपने अपने शब्दकोष का कोई शब्द छोड़ा (Supreme Court Facebook Post) ही नहीं है। और फिर भी आपको कोई पछतावा नहीं है। क्या हम यहां बैठकर वह सब पढ़कर सुनाएं, जो आपने लिखा है?”
राहत के लिए हाईकोर्ट जाने की सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए दीपा जोसेफ को राहत के लिए संबंधित हाईकोर्ट जाने की सलाह दी। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब मामला महिलाओं की गरिमा से जुड़ा हो।
इस टिप्पणी के साथ शीर्ष अदालत ने यह संदेश भी दिया कि सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदार भाषा का इस्तेमाल हर नागरिक, विशेषकर कानून से जुड़े पेशेवरों के लिए अनिवार्य है।
