Sunil Gavaskar Statement : टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर के बचाव में उतरे लिटिल मास्टर गावस्कर

Sunil Gavaskar Statement

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भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar Statement) ने दक्षिण अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर की हो रही आलोचना पर उन्हें मजबूती से बचाव दिया है। गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत को 408 रन से मिली हार के बाद गंभीर पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि मेहमान टीम ने दो मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली।

गंभीर के कार्यकाल में यह लगातार तीसरी टेस्ट सीरीज हार है। इससे पहले भारत को घरेलू जमीन पर न्यूजीलैंड से 0-3 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी सरज़मीं पर 1-3 से हार मिली थी। अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद आलोचनाएँ तेज़ हो गई हैं।

सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar Statement) ने कहा—“गंभीर कोच हैं। कोच टीम को तैयार कर सकता है, रणनीति बता सकता है, अनुभव साझा कर सकता है। लेकिन मैदान में उतरकर प्रदर्शन खिलाड़ियों को ही करना होता है।”

उन्होंने याद दिलाया कि गंभीर वही कोच हैं जिनके मार्गदर्शन में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीता था। गावस्कर ने आलोचकों से सवाल किया कि जब भारत ने उनके नेतृत्व में दो बड़ी ट्रॉफियां जीतीं, तब आपने क्या कहा? क्या तब आपने कहा कि उनका कॉन्ट्रैक्ट बढ़ा दें या उन्हें आजीवन जिम्मेदारी दे दें? नहीं। तो अब हार पर सिर्फ कोच को जिम्मेदार कैसे ठहरा रहे हैं?

गावस्कर ने इंग्लैंड के तीनों प्रारूपों के कोच ब्रैंडन मैकुलम का उदाहरण देते हुए कहा कि कई देशों में एक ही कोच सभी प्रारूपों की जिम्मेदारी संभालता है और इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा कि जीत पर श्रेय खिलाड़ी और पूरा मैनेजमेंट लेता है, लेकिन हार पर केवल कोच को निशाना बनाना गलत है।

अश्विन भी गंभीर के समर्थन में आगे आए

पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर आर. अश्विन ने भी गंभीर का समर्थन करते हुए कहा कि टीम का प्रबंधन आसान नहीं होता। उन्होंने अपने यूट्यूब कार्यक्रम में कहा—“जब खिलाड़ी खुद जिम्मेदारी नहीं ले रहे, तब कोच को हटाने की मांग करना ठीक नहीं है। यह किसी का पक्ष लेना नहीं है। कोई भी गलतियाँ कर सकता है, लेकिन कभी-कभी गलतियाँ भारी पड़ जाती हैं।”

अश्विन ने कहा कि भारत के मजबूत घरेलू रिकॉर्ड को देखते हुए निराशा स्वाभाविक है, लेकिन केवल कोच को निशाना बनाना और खिलाड़ियों से सवाल न पूछना अनुचित है। उन्होंने कहा कि बर्खास्तगी मांगने से पहले यह समझना होगा कि टीम मैनेजमेंट एक जटिल प्रक्रिया है और हार-जीत सामूहिक जिम्मेदारी होती है।