छत्तीसगढ़

Sukma Student Protest : सुकमा में प्री-मेट्रिक हॉस्टलों की सीटें कम…छात्र बोले- ‘अब और नहीं सहेंगे अन्याय’…

नवप्रदेश, सुकमा,25 जून। Sukma Student Protest : जिले में संचालित पोस्ट मेट्रिक और प्री मेट्रिक छात्रावासों में सीट की संख्या पिछले कई सालों से 50 है जबकि अब पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है। अंदरूनी इलाकों में पढ़ाई कर रहे है छात्रों को रहने में काफी दिक्कतें आ रही है।

साथ जिला मुख्यालय में छात्रावास का स्थाई भवन नहीं है। वही सभी छात्रावासों में पहले से ही सीट भर गया है कही भी एडमिशन नहीं ले रहे है। जिसके कारण नक्सल प्रभावित इलाकों से पढ़ाई करने आ रहे छात्रों को परेशानी हो रही (Sukma Student Protest)है। अगर 10 दिनों के भीतर व्यवस्था नहीं सुधरी तो उग्र आंदोलन करने की बात छात्रों ने कही।

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बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय में अपनी मांगो को लेकर संयुक्त छात्रावास संगठन के छात्र 8 सूत्रीय मांगों को लेकर पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें छात्रों ने बताया कि जिले के अंदरूनी इलाकों से हर साल की अपेक्षा इस साल बहुत ज्यादा छात्र पढ़ने आ रहे है। लेकिन पिछले सालों से प्री मेट्रिक और पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों में सीमित 50 सीट रखी गई है जिसके कारण अधिकांश छात्रों को एडमिशन नहीं दिया अजा रहा है। वही छात्रों ने कहा कि एक और सरकार युवाओं को शिक्षित होने पर जोर दे रही है वहीं दूसरी और स्कूलों को बंद किया जा रहा (Sukma Student Protest)है। ऐसे में नक्सल प्रभावित इलाकों के छात्र और छात्राएं पढ़ने कहा जाएगी और कहा रहकर पढ़ाई करेगी।

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उन्होंने बताया कि पिछले साल सभी छात्रावासों में अतिरिक्त बच्चों को रखकर पढ़ाया गया था लेकिन उसकी राशि अभी तक नहीं मिली है। अब उन छात्रावासों में भी एडमिशन नहीं मिल रहा है। वही छात्रों को अपने पसंदीदा स्कूलों में नहीं पढ़ने दिया जा रहा (Sukma Student Protest)है। इस साल जिस ब्लाक के छात्र है उसी ब्लाक में पढ़ने ऐसा कहा जा रहा है ये गलत है। इसलिए हमने 10 दिनों का समय दिया है। अगर समय रहते मांगे पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जायेगा।

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