Sukma Collector Visit : दो नदियां पार कर गांव पहुंचे कलेक्टर… जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं, 3 दिन में बिजली का भरोसा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन अभियान के तहत सुकमा जिला प्रशासन की टीम शुक्रवार को दो नदियां पार कर सुदूर वनांचल के गांवों तक पहुंची। कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने गुमोड़ी, कोंडासावली और तारलागुड़ा में ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर जनचौपाल लगाई। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।

दो नदियां पार कर पहुंचे अधिकारियों ने जाना ग्रामीणों का हाल

कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता भुगतान, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। गुमोड़ी में जमीन संबंधी दस्तावेज गुम होने की शिकायत मिलने पर गांव में विशेष राजस्व शिविर लगाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों की मांग पर बिजली, सड़क और पुलिया निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

बच्चों से सुनी ABCD, स्कूल को मिली नई सौगात

प्राथमिक शाला के निरीक्षण के दौरान बच्चों ने कलेक्टर को गिनती और एबीसीडी सुनाई। बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर स्कूल परिसर में पेवर ब्लॉक, बाउंड्रीवाल और नए रसोईघर के निर्माण को मंजूरी दी गई।

बारिश में भी जारी रही जनचौपाल

कोंडासावली में ग्रामीणों से चर्चा के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन जनचौपाल नहीं रुकी। बिजली कनेक्शन की समस्या पर कलेक्टर ने तीन दिन के भीतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वनाधिकार पट्टे की मांग पर पात्र हितग्राहियों के लिए शिविर आयोजित कर 45 दिनों के भीतर पट्टे उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए।

108 पर खुद फोन करवाकर जांची एंबुलेंस सेवा

तारलागुड़ा में निर्माणाधीन सुशासन परिसर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एक ग्रामीण से खुद 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन करवाकर उसकी तत्परता परखी। कॉल के बाद एंबुलेंस भेजने की पुष्टि होने पर ग्रामीणों को आपात स्थिति में 108 सेवा का उपयोग करने की सलाह दी।

स्वास्थ्य केंद्र और पीएम आवास की समस्याओं का भी समाधान

कोंडासावली उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस की व्यवस्था, पेवर ब्लॉक रैंप, योग शेड, सोकपिट और अन्य सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के दो हितग्राहियों के बैंक खाते में तकनीकी कारणों से रुकी राशि की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल समस्या दूर कर योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों को दिया भरोसा

कलेक्टर अमित कुमार ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सुशासन परिसर का निर्माण पूरा होने के बाद वे फिर गांव पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना सुशासन अभियान की प्राथमिकता है।

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