सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में उतार चढ़ाव के बीच निवेशकों का उत्साह कमजोर (Stock Market) पड़ गया। शुरुआती कारोबार में तेजी दिखने के बावजूद दिन चढ़ने के साथ बिकवाली बढ़ती गई और बाजार आखिरकार लाल निशान में बंद हुआ। इससे निवेशकों की चिंता भी बढ़ गई है।
दिनभर बाजार में अलग अलग सेक्टरों में दबाव देखने को मिला। खासकर ऑटो, बैंकिंग और आईटी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट ने प्रमुख सूचकांकों को नीचे खींच लिया, जबकि कुछ चुनिंदा सेक्टरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों टूटे Stock Market
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,728.37 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत फिसलकर 23,946.25 पर आ गया। बाजार में लगभग 2,472 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 1,681 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
ऑटो और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
सोमवार को ऑटो सेक्टर में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली। कमजोर मांग की चिंता और मुनाफावसूली के चलते ऑटो कंपनियों के कई प्रमुख शेयरों में 1 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसके साथ ही बैंकिंग और आईटी सेक्टर के कई बड़े शेयर भी दबाव में रहे, जिससे बाजार की कमजोरी और बढ़ गई।
फार्मा और हेल्थकेयर ने दिखाई मजबूती
बाजार में गिरावट के बीच फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन (Stock Market) किया। डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज के शेयरों में चार प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। इसके अलावा सिप्ला, सन फार्मा, मैक्स हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स, टोरेंट फार्मा और ग्लेनमार्क फार्मा के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
गिरावट की यह रही वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दो कारोबारी सत्रों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसके अलावा ऑटो और आईटी शेयरों में बिकवाली, कुछ कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन और कारोबारी अनिश्चितताओं के कारण भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसी वजह से सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार दबाव में नजर आया।
