छत्तीसगढ़

CG BJP Politics : गणतंत्र दिवस पर न्यायधानी का सियासी संदेश, क्यों बिलासपुर पहुंचेगे मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद यह दूसरी बार होगा जब कोई मुख्यमंत्री बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज (CG BJP Politics) फहराएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस मैदान में ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे। इससे पहले यह अवसर केवल पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को मिला था, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 2001 से 2003 तक लगातार बिलासपुर में गणतंत्र दिवस मनाया था।

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करीब 23 वर्षों बाद मुख्यमंत्री का न्यायधानी की ओर रुख करना महज प्रशासनिक निर्णय नहीं माना जा रहा। मुख्यमंत्री के इस प्रवास को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। बताया जा रहा है कि जिले की सियासत में पिछले कुछ समय से उभरी अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक असंतुलन ने शीर्ष नेतृत्व को चिंतित किया है।

परंपरागत तौर पर गणतंत्र दिवस पर राजधानी में राज्यपाल ध्वजारोहण करते हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री अन्य जिलों में कार्यक्रमों में शामिल (CG BJP Politics) होते हैं। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री का बिलासपुर को चुनना कई संकेत दे रहा है। सूत्रों के अनुसार संगठन चाहता है कि राष्ट्रीय पर्व के दिन किसी भी तरह की गुटबाजी या असहज स्थिति सामने न आए, और इसी दृष्टि से न्यायधानी पर सीधा संदेश देने की रणनीति अपनाई गई है।

हाल के महीनों में बिलासपुर की राजनीति कई विवादों का केंद्र रही है। दिग्गज नेताओं के बीच बढ़ते मतभेद, कार्यक्रमों के रद्द होने, मंच व्यवस्था को लेकर विवाद और कार्यकर्ताओं की नाराजगी जैसी घटनाएं लगातार सुर्खियों में रही हैं। सकरी में प्रस्तावित कार्यक्रम का ऐन वक्त पर रद्द होना हो या युवा महोत्सव के दौरान सार्वजनिक रूप से उभरा असंतोष – इन घटनाओं ने संगठन की छवि पर सवाल खड़े किए हैं।

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कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर अधिकारियों को दिए (CG BJP Politics) गए निर्देशों के बाद प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे ‘संदेशात्मक दौरा’ माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह प्रवास केवल ध्वजारोहण तक सीमित रहेगा या इसके जरिए संगठन और सत्ता के भीतर चल रही खींचतान पर विराम लगाने की कोशिश होगी – इस पर सबकी नजर टिकी हुई है।

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