State Information Commission Chhattisgarh : पूर्व मुख्य सचिव अमिताभ जैन बने मुख्य सूचना आयुक्त
State Information Commission Chhattisgarh
राज्य सरकार ने लंबे समय से रिक्त पड़े मुख्य सूचना आयुक्त (State Information Commission Chhattisgarh) के पद पर नियुक्ति करते हुए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लिया है।
देर रात जारी आदेश के अनुसार, राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ जैन को छत्तीसगढ़ का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही राज्य सूचना आयोग की लंबे समय से अधूरी संरचना को पूर्ण करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
इसी आदेश के तहत सचिव स्तर से सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी उमेश अग्रवाल तथा वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त (State Information Commission Chhattisgarh) के पद पर नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों के बाद छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से चली आ रही रिक्तियों का समाधान हो गया है और आयोग की कार्यप्रणाली को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों के पदों पर नियुक्ति के लिए 4 मार्च 2025 को आवेदन आमंत्रित किए गए थे। चयन प्रक्रिया के दौरान अनुभव, मापदंड और पात्रता को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया था, जिसके चलते नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय तक रुकी रही। हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद शासन ने चयन प्रक्रिया को दोबारा आगे बढ़ाया और अब औपचारिक रूप से नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए पूर्व मुख्य सचिव अमिताभ जैन को शुरुआत से ही प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। उनके अलावा सेवानिवृत्त डीजीपी अशोक जुनेजा ने भी इस पद के लिए दावेदारी प्रस्तुत की थी। अंततः शासन ने प्रशासनिक अनुभव, वरिष्ठता और लंबे सेवाकाल को आधार बनाते हुए अमिताभ जैन के नाम पर अंतिम निर्णय लिया।
वहीं, छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग (State Information Commission Chhattisgarh) में राज्य सूचना आयुक्त के दो पद रिक्त थे, जिनके लिए कुल 72 आवेदकों ने आवेदन किए थे। इन आवेदकों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकार भी शामिल थे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रारंभिक स्तर पर आवेदनों की जांच कर सूची तैयार की गई थी, लेकिन चयन मापदंडों को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने से पूरी प्रक्रिया ठप हो गई थी। याचिका खारिज होने के बाद चयन प्रक्रिया को पुनः आगे बढ़ाया गया और अब नियुक्तियां की गई हैं।
नियुक्ति आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पदस्थ माने जाएंगे। इन सभी नियुक्तियों पर केंद्रीय सूचना आयोग एवं राज्य सूचना आयोग से संबंधित नियमों के तहत पदावधि, वेतन, भत्ते तथा सेवा की अन्य शर्तें लागू होंगी। राज्य सरकार के इस फैसले को सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
