Soumya Chaurasia EOW : EOW जांच के बाद कसा शिकंजा, सौम्या चौरसिया 30 जनवरी तक जेल में

लंबे समय से चल रही जांच जब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचती है, तो उसके असर साफ दिखाई (Soumya Chaurasia EOW) देने लगते हैं। एक बहुचर्चित मामले में पूछताछ पूरी होने के बाद अब कानूनी प्रक्रिया ने अगला कदम बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में जांच की दिशा और स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की पूछताछ पूरी होने के बाद सौम्या चौरसिया को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के पश्चात न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश दिए हैं। रिमांड अवधि 30 जनवरी तक प्रभावी रहेगी।
इससे पहले ईओडब्ल्यू ने सौम्या चौरसिया को प्रोडक्शन वारंट के आधार पर हिरासत में लिया था और तीन दिन की रिमांड पर लेकर उनसे गहन पूछताछ (Soumya Chaurasia EOW) की गई। जांच एजेंसी ने इस दौरान वित्तीय लेन-देन, नीतिगत निर्णयों और अन्य संबंधित पहलुओं को लेकर सवाल किए। रिमांड समाप्त होने के बाद शुक्रवार को उन्हें पुनः कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत का आदेश पारित हुआ।
गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की कार्रवाई की आशंका को देखते हुए सौम्या चौरसिया ने पहले हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर 8 जनवरी को सुनवाई हुई, जिसमें राज्य शासन ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। इसके बाद 15 जनवरी को शासन का पक्ष सुने जाने के पश्चात हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 से 2023 के बीच लागू की गई शराब नीति को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार नीति में ऐसे प्रावधान किए गए, जिससे चुनिंदा सप्लायरों (Soumya Chaurasia EOW) को लाभ मिला। आरोप है कि नकली होलोग्राम और सील के जरिए शराब की बिक्री की गई, जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान हुआ। इस पूरे मामले में टैक्स चोरी का आंकड़ा हजारों करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है।
शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नाम जांच के दायरे में आ चुके हैं। पूर्व मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी इस प्रकरण में आरोपी बनाए गए हैं, जबकि आबकारी विभाग के कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो चुकी है। जांच एजेंसियां मामले की परत-दर-परत जांच कर रही हैं और आगे और खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।



