
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Elvish Yadav को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत (Snake Venom Case Verdict) मिली है। कथित ‘स्नेक वेनम केस’ में शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर, चार्जशीट और उससे जुड़ी सभी कानूनी कार्यवाहियों को रद्द कर दिया है।
कोर्ट की साफ टिप्पणी – केस टिकाऊ नहीं (Snake Venom Case Verdict)
Supreme Court of India की बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और प्रक्रिया के आधार पर यह मामला “कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं” है। इस फैसले के साथ ही एल्विश यादव पर लगे गंभीर आरोपों से उन्हें पूरी तरह राहत मिल गई है।
कानूनी प्रक्रिया में बड़ी खामियां उजागर
अदालत ने पाया कि वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत दर्ज शिकायत में मूलभूत (Snake Venom Case Verdict) त्रुटि थी। नियमों के अनुसार शिकायत केवल अधिकृत अधिकारी ही दर्ज कर सकता है, जबकि इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा, जिन धाराओं को जोड़ा गया था, वे पहले से बंद हो चुके एक पुराने मामले से जुड़ी थीं, जिससे पूरी कार्यवाही कमजोर हो गई।
NDPS एक्ट पर भी कोर्ट का रुख स्पष्ट
अदालत ने यह भी माना कि जिस पदार्थ को लेकर NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, वह कानून के अनुसार प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं आता। ऐसे में NDPS की धाराओं का उपयोग करना उचित नहीं पाया गया और इसे भी खारिज कर दिया गया।
पूरा मामला क्या था?
यह मामला नवंबर 2023 में सामने आया था, जब नोएडा में एक पार्टी में सांप के जहर के इस्तेमाल का आरोप लगा था। बाद में मार्च 2024 में एल्विश यादव (Snake Venom Case Verdict) की गिरफ्तारी हुई थी, जिसने काफी सुर्खियां बटोरीं। हालांकि, उनके वकीलों ने शुरुआत से ही कहा था कि न तो कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई और न ही उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं।
अब क्या मायने हैं इस फैसले के?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को एल्विश यादव के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। इससे न सिर्फ केस खत्म हुआ, बल्कि उनके खिलाफ चल रही सभी प्रक्रियाएं भी समाप्त हो गईं।



