SICKLE CELL MISSION : सिकल सेल उन्मूलन में देश के लिए मॉडल बना मध्य प्रदेश, राष्ट्रपति ने की सराहना

विश्व सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर के निकट थापना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत मध्य प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश इस अभियान में देश के लिए मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी के खिलाफ चल रहा अभियान (SICKLE CELL MISSION) केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने का राष्ट्रीय संकल्प है।

राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से सिकल सेल उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, जांच और जागरूकता के माध्यम से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में चल रहे प्रयासों से लोगों में जागरूकता बढ़ी है और सिकल सेल उन्मूलन (SICKLE CELL MISSION) के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है।

ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने सिकल मित्रों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से संवाद कर उनके अनुभव भी जाने। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे स्वास्थ्य अमले की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ही अभियान की सफलता की वास्तविक ताकत हैं।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों, सरपंचों और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित भी किया गया। राष्ट्रपति ने कहा कि जनभागीदारी के बिना किसी भी जनस्वास्थ्य कार्यक्रम को सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने लोगों से इस मिशन (SICKLE CELL MISSION) से जुड़कर बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने और जांच को बढ़ावा देने की अपील की। इस अवसर पर मंगूभाई पटेल, मोहन यादव सहित मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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