Shri Ram Janmabhoomi Flag Ceremony : पूरक मंदिरों पर धर्मध्वजा के रंग होंगे अलग, अन्नपूर्णा मंदिर पर आज राजनाथ करेंगे ध्वजारोहण
Shri Ram Janmabhoomi Flag Ceremony
श्रीराम मंदिर (Shri Ram Mandir) के स्वर्ण शिखर पर ध्वजारोहण के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Trust) अब जन्मभूमि परिसर के सात पूरक मंदिरों पर भी धर्मध्वजा (Flag Ceremony) फहराने की योजना बना रहा है।
मां अन्नपूर्णा मंदिर (Annapurna Temple) के शिखर पर बुधवार को प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ध्वजा फहराएंगे, जबकि अन्य छह मंदिरों के लिए कार्यक्रम बाद में तय होगा। ट्रस्ट पदाधिकारी पूरक मंदिरों की धर्मध्वजा के रंग को लेकर विमर्श कर रहे हैं। अन्नपूर्णा मंदिर पर लाल रंग की ध्वजा फहराई जाएगी। अन्य मंदिरों में देवी-देवताओं के वास और शुभता के अनुसार ध्वजा का रंग तय होगा।
गत 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम मंदिर पर केसरिया रंग की धर्मध्वजा फहराई थी। उस समय परकोटे के पूरक मंदिरों के कुछ कार्य अपूर्ण थे, इसलिए उन पर ध्वजारोहण नहीं किया गया। अब केवल अन्नपूर्णा मंदिर पर 31 दिसंबर को ध्वजारोहण किया जाएगा। शेष छह पूरक मंदिरों में भगवान शिव, गणेश, सूर्यदेव, मां दुर्गा, हनुमान जी और शेषावतार मंदिर शामिल हैं। ट्रस्ट के अनुसार, पूरक मंदिरों में जिस देवी-देवता का वास है, उसके प्रतीक रूप में उसी रंग की ध्वजा फहराई जाएगी।
शिव मंदिर: सफेद या केसरिया
दुर्गा मंदिर: लाल या केसरिया
गणेश मंदिर: पीला या केसरिया
सूर्य मंदिर: सफेद या केसरिया
हनुमान मंदिर: लाल या केसरिया
शेषावतार मंदिर: केसरिया या पीला
कुछ मंदिरों पर वर्ष प्रतिपदा (Hindu Year Pratipada) और कुछ पर रामनवमी (Ram Navami) के दिन ध्वजारोहण कराया जाएगा। वर्ष प्रतिपदा पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को आमंत्रित करने की तैयारी है।
ध्वजारोहण में अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर स्वचालित प्रणाली का प्रयोग नहीं होगा। शिखर ऊंचाई लगभग 80 फीट होने के कारण रस्सी और पुली के सहारे अभियंताओं की निगरानी में ध्वजारोहण कराया जाएगा।
रामलला का महाभिषेक भी प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर होगा। पंचामृत से अभिषेक, भव्य शृंगार, भोग अर्पण और प्राकट्य आरती का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगे।
इस प्रकार, जन्मभूमि पर पूरक मंदिरों पर धर्मध्वजा के रंगों का भिन्न होना देवी-देवताओं के प्रतीक और शुभता के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि अन्नपूर्णा मंदिर पर आज ध्वजारोहण की भव्य रस्म संपन्न होगी।
