छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Rehabilitation Policy : सुशासन की सरकार ने बस्तर में शांति और समृद्धि की नई राह प्रशस्त की

सुशासन की सरकार ने बस्तर में शांति और समृद्धि की नई राह प्रशस्त (Chhattisgarh Rehabilitation Policy) की है। हमारी सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय और दूरदर्शी पहल ने बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का माहौल स्थापित किया है। इस नीति का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक विश्वास बहाल करना और शासन–प्रशासन को आम जनता के और करीब लाना है।

https://youtu.be/Ggzw0uMgOGs

माओवादी भ्रमजाल में फँसे अनेक युवा अब हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास के मार्ग पर लौट रहे हैं। ( Bastar Maoist Surrender ) के इस लगातार बढ़ते सिलसिले ने बस्तर में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिखी है। आज 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य) समेत कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह बदलते बस्तर का संकेत है, जहाँ जनता विकास और शांति की राह पर आगे बढ़ना चाहती है।

सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आत्मसमर्पित साथियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन हेतु आवश्यक पुनर्वास सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी। सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” का उद्देश्य केवल आत्मसमर्पण कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें मुख्यधारा में स्थायी रूप से स्थापित करना भी है। इसके अंतर्गत आवास, आर्थिक सहायता, कौशल विकास, मनोवैज्ञानिक सहयोग से लेकर आजीविका प्रशिक्षण जैसी विस्तृत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।

अब तक बड़ी संख्या में माओवादियों का मुख्यधारा की ओर लौटना जनता के विश्वास और सरकार की प्रभावी रणनीति की बड़ी उपलब्धि है। प्रशासन की “पूना मारगेम” पहल ने गाँव–गाँव जाकर भ्रमजाल में फँसे लोगों को संवाद, भरोसा और सुरक्षा का संदेश दिया है। ( Chhattisgarh Rehabilitation Policy ) का लाभ पाकर कई पूर्व माओवादी आज स्वरोजगार, कृषि, छोटे व्यवसाय और शिक्षा के माध्यम से नया जीवन शुरू कर चुके हैं।

https://youtu.be/T-2O9_FqjTs

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य बस्तर को हिंसा से मुक्त कर समृद्धि, शिक्षा, अवसर और विकास की दिशा में आगे ले जाना है। आत्मसमर्पण और पुनर्वास की यह यात्रा न केवल बस्तर को बदल रही है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए स्थायी शांति का रास्ता भी तैयार कर रही है।

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