तखतपुर के सरकारी दफ्तरों में गुरुवार सुबह अचानक हलचल (SDM Inspection) बढ़ गई। कर्मचारी एक दूसरे से पूछते नजर आए कि आखिर इतने अधिकारी एक साथ क्यों पहुंचे हैं। कुछ जगहों पर कुर्सियां खाली मिलीं तो कहीं फाइलें खुली रहीं लेकिन जिम्मेदार कर्मचारी दिखाई नहीं दिए।
कार्यालयों के बाहर भी लोगों के बीच इसी बात की चर्चा होती रही कि ड्यूटी समय में आखिर इतने कर्मचारी कहां गए। निरीक्षण की खबर फैलते ही कई दफ्तरों में अफरा तफरी जैसा माहौल बन गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में बेचैनी साफ दिखाई दी।
कई विभागों में अचानक पहुंची जांच टीम (SDM Inspection)
तखतपुर में शासकीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम नितिन तिवारी ने अचानक विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत और नगर पालिका कार्यालय की जांच की गई। निरीक्षण में कई कर्मचारी और अधिकारी बिना अनुमति अनुपस्थित पाए गए।
35 अधिकारी और कर्मचारी मिले नदारद SDM Inspection
औचक निरीक्षण के दौरान कुल 35 अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी समय में कार्यालय से गायब मिले। उपस्थिति पंजी और बायोमैट्रिक रिकॉर्ड की जांच में भी कई तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। प्रशासन ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए तलब किया गया है।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई
प्रशासन की तरफ से साफ कहा गया है कि तय समय में उचित जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सरकारी दफ्तरों में समय पर उपस्थिति और कामकाज सुधारने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई कार्यालयों में लापरवाही सामने आने से प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।
बायोमैट्रिक व्यवस्था पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि बायोमैट्रिक व्यवस्था लागू होने के बाद भी कई कर्मचारी मनमाने तरीके से उपस्थिति दर्ज (SDM Inspection) कर रहे हैं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि नियमित रूप से कार्यालय नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों का वेतन और उपस्थिति आखिर किस आधार पर दर्ज की जा रही थी।
अनुशासन को लेकर प्रशासन सख्त
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि सरकारी कार्यालयों में जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। इस निरीक्षण के बाद अब अन्य विभागों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर निगरानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
