Narayanpur Abujhmad News : लाल आतंक के गढ़ में गूंजी ‘मन की बात, इमली पेड़ के नीचे ग्रामीणों संग कड़ाई से बैठे वन मंत्री केदार

छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित रहे नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ (Narayanpur Abujhmad News) से बदलाव और नई उम्मीदों की एक बेहद खूबसूरत और ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई है। कभी लाल आतंक के खौफ के कारण मुख्यधारा से पूरी तरह कटे रहे दूरस्थ गांव इरकभट्टी में रविवार को एक नया इतिहास रचा गया, जब यहां पहली बार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया गया।

नक्सलियों के कड़े प्रभाव से मुक्त होने के बाद इस सुदूर अंचल में यह पहला ऐसा मौका था जब किसी कैबिनेट मंत्री ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई हो। राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप खुद सुरक्षा के तामझाम से दूर, बेहद सादगी के साथ ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।

दरअसल, माओवाद के गढ़ रहे अबुझमाड़ (Narayanpur Abujhmad News) के गांवों में कदम रखना कभी किसी बड़े खतरे से खाली नहीं माना जाता था, लेकिन अब सुरक्षा बलों और प्रशासन की कड़ाई के कारण परिस्थितियां तेजी से बदल चुकी हैं। गांव के बीचोबीच स्थित एक पुराने इमली के पेड़ की घनी छांव तले सजी इस चौपाल में सैकड़ों आदिवासियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भारी भीड़ उमड़ी। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस संवेदनशील क्षेत्र में शासन की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कड़ा संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि इरकभट्टी में ‘मन की बात’ का गूंजना महज़ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बदलते और निखरते हुए अबुझमाड़ की एक नई व सशक्त पहचान है, जो देश की मुख्यधारा से कड़ाई से जुड़ रही है।

वन मंत्री ने पूर्व के हालातों का जिक्र करते हुए कड़े तेवर में कहा कि जिस क्षेत्र की पहचान कभी भय, आतंक और बंदूकों की गूंज से होती थी, आज वहीं का हर एक ग्रामीण अपनी स्वेच्छा से एक जगह एकत्र होकर देश के सर्वोच्च नेतृत्व के विचारों को सुन रहा है। इरकभट्टी की यह ऐतिहासिक चौपाल अबुझमाड़ (Narayanpur Abujhmad News) में लौटते जनविश्वास, स्थायी शांति और चौतरफा विकास का एक नया दौर शुरू कर रही है।

इस इमली पेड़ की चौपाल (Narayanpur Abujhmad News) के दौरान पूरे गांव में भारी उत्साह और जश्न का माहौल देखा गया, जो ग्रामीण अंचलों में आए बड़े सामाजिक बदलाव का प्रतीक है। ग्रामीणों ने दिल खोलकर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि एक समय इस पूरे इलाके में नक्सलियों का खौफ इतना भयावह था कि लोग लगातार डर और असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर थे। शाम ढलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर जाता था, लेकिन अब सुरक्षा कैंपों की स्थापना और प्रशासन के कड़े प्रयासों से हालात पूरी तरह बदल गए हैं। इसी सुरक्षित माहौल के कारण आज वे बिना किसी डर के खुलकर देश के विकास और प्रगति से जुड़े विषयों को सुन पा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ (Narayanpur Abujhmad News) के इस 134वें एपिसोड में जब एथलेटिक्स में देश का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों के कड़े संघर्ष और उनकी महान उपलब्धियों का विशेष रूप से उल्लेख किया, तो चौपाल में मौजूद अबुझमाड़ के युवा भी जोश से भर उठे। उन्हें भी विपरीत परिस्थितियों से लड़कर जीवन में आगे बढ़ने और खेलों के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाने की एक नई कूटनीतिक प्रेरणा मिली है। इस सफल आयोजन के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में विकास कार्यों की गति को और कड़ा करने का दावा किया है।

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