छत्तीसगढ़

SDM Arrested Case : पिटाई के बाद बुजुर्ग की मौत, एसडीएम गिरफ्तार, 3 अधिकारी निलंबित

जिले के हंसपुर गांव में कथित मारपीट के बाद एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई (SDM Arrested Case) करते हुए कुसमी के एसडीएम करूण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा सहित अन्य संबंधित लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। साथ ही तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

https://youtu.be/QfFeGsF_IWk

अवैध बॉक्साइट उत्खनन की जांच के दौरान विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम को क्षेत्र में अवैध बॉक्साइट उत्खनन की शिकायत मिली थी। इसी सूचना पर रविवार देर रात टीम हंसपुर गांव पहुंची। टीम में एसडीएम, नायब तहसीलदार और कुछ अन्य लोग शामिल थे। इसी दौरान ग्रामीणों के साथ कथित रूप से विवाद की स्थिति बनी।

बताया जा रहा है कि राम नरेश राम (60), अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) से पूछताछ के दौरान तनाव बढ़ गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पूछताछ के बाद मारपीट (SDM Arrested Case) की गई।

SDM Arrested Case
SDM Arrested Case

ग्रामीणों का आरोप – लाठी-डंडों से की गई पिटाई

घायल पक्ष का कहना है कि वे खेत से लौट रहे थे, तभी उन्हें रोका गया और बाद में लाठी-डंडों व लात-घूंसों से मारपीट की गई। आरोप यह भी है कि तीनों को जबरन वाहन में बैठाकर कुसमी ले जाया गया। रास्ते में ही राम नरेश राम की तबीयत बिगड़ने लगी।

तीनों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान राम नरेश राम की मौत हो गई। अन्य दो घायलों का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर और थाना क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

जांच में जुटी पुलिस, फॉरेंसिक टीम बुलाई गई

मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और जांच की निगरानी (SDM Arrested Case) की। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है ताकि साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

https://youtu.be/cEg_PcRd9HA

ब्लैकमेलिंग की भी चर्चा

सूत्रों के मुताबिक गांव में अवैध उत्खनन और ट्रकों को रोककर कथित वसूली की शिकायतें भी सामने आई थीं, जिसके आधार पर जांच टीम वहां पहुंची थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष सिद्ध होता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद से गांव में तनाव बना हुआ है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस लगातार निगरानी रख रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

Related Articles

Back to top button