SDG 2.0 : एसडीजी 2.0 और ‘बस्तर अंजोर’ से विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन (SDG 2.0 ) किया। इस दौरान राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0 और मेटाडेटा हैंडबुक भी जारी की गई। साथ ही बस्तर संभाग के समग्र और परिणाम आधारित विकास के लिए तैयार की गई ‘बस्तर अंजोर’ पहल का शुभारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक आंकड़े और परिणाम आधारित मॉनिटरिंग जरूरी है। नए फ्रेमवर्क के तहत राज्य स्तर पर 343 और जिला स्तर पर 99 संकेतकों के जरिए विकास कार्यों की निगरानी की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, बेहतर अंतरविभागीय समन्वय और योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए मजबूत आधार उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। नए फ्रेमवर्क से विकास कार्यों की निगरानी अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मापनीय होगी।

343 राज्य और 99 जिला संकेतकों से होगी निगरानी SDG 2.0

राज्य नीति आयोग की ओर से तैयार एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क में राज्य स्तर पर संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 कर दी गई है। वहीं जिला स्तर पर यह संख्या 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है। इससे विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की अधिक व्यापक और वैज्ञानिक तरीके से निगरानी की जा सकेगी।

कार्यक्रम में जारी मेटाडेटा हैंडबुक में प्रत्येक संकेतक की गणना पद्धति और रिपोर्टिंग प्रणाली को भी मानकीकृत किया गया है। इससे पूरे प्रदेश में आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

‘बस्तर अंजोर’ से होगा समग्र विकास

कार्यक्रम में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने ‘बस्तर अंजोर’ की अवधारणा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह अभिसरण आधारित विकास मॉडल है, जिसका उद्देश्य बस्तर संभाग को देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाना है।

उन्होंने बताया कि ‘बस्तर अंजोर’ के 3+4 मॉडल के तहत जिला स्तर की तीन प्रमुख पहल- नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को चार प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विकास फ्रेमवर्क- एसडीजी 2030, विकसित छत्तीसगढ़ @2047, आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम (SDG 2.0) से जोड़ा गया है।

बिना अतिरिक्त संसाधन बेहतर परिणाम पर जोर

राज्य नीति आयोग के अनुसार इस मॉडल का उद्देश्य अतिरिक्त संसाधन खर्च किए बिना विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में ठोस और मापनीय परिणाम हासिल करने की रणनीति बनाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा के आधार पर आवश्यक सुधार भी किए जा सकेंगे।

‘विकसित छत्तीसगढ़ @2047’ के लक्ष्य को मिलेगा आधार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि एसडीजी 2.0 और ‘बस्तर अंजोर’ जैसी पहलें विकसित छत्तीसगढ़ @2047 के विजन को गति देंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और परिणाम आधारित विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है। बस्तर अंजोर अंत्योदय से सर्वोदय की भावना पर आधारित (SDG 2.0) पहल है, जो बस्तर को समावेशी, सतत और परिणामोन्मुख विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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