छत्तीसगढ़

Satnam Sadbhav Padyatra : मोवा से गिरौदपुरी धाम तक सद्भाव का संदेश, सीएम साय ने ‘विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ को दिखाई हरी झंडी

राजधानी के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से आज सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश लेकर “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” की शुरुआत (Satnam Sadbhav Padyatra) हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

https://youtu.be/QfFeGsF_IWk

मुख्यमंत्री ने गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश समाज को एक सूत्र में बांधने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद करते हुए विश्वास जताया कि यह यात्रा प्रदेश में सद्भाव, समरसता और आपसी भाईचारे को और मजबूत करेगी।

सामाजिक एकता का संदेश

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सामाजिक हितों को गति देने के उद्देश्य से विशेष प्राधिकरण का गठन (Satnam Sadbhav Padyatra) किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि पदयात्रा के उपरांत गिरौदपुरी धाम में विशाल मेले का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम होंगे।

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर मानव कल्याण और एकता का संदेश देने के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने सभी से “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कई जनप्रतिनिधि और संत समाज रहे उपस्थित

कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित संत समाज और सर्व समाज के प्रबुद्धजन (Satnam Sadbhav Padyatra) उपस्थित रहे।

https://youtu.be/cEg_PcRd9HA

गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित यह पदयात्रा 18 से 22 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। आयोजन का उद्देश्य समाज में सद्भाव, समरसता और भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। पदयात्रा के समापन पर गिरौदपुरी धाम मेले में विविध धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

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